Varanasi News: चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी का मौसम केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बेजुबान पक्षियों के लिए भी अग्निपरीक्षा जैसा होता है। ऐसे कठिन समय में इन मासूम जीवों के लिए भोजन और पानी का प्रबंध करना बेहद भलाई और महापुण्य का काम माना जाता है।
हिंदू धर्म में जीव-जंतुओं की निस्वार्थ सेवा को सर्वोत्तम कर्म बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बिना किसी स्वार्थ के पक्षियों को दाना-पानी देने से शनि, राहु और केतु जैसे क्रूर ग्रहों के दोषों से मुक्ति मिलती है। लेकिन, ऐसा करते समय वास्तु के नियमों का पालन बेहद जरूरी है।
गंदगी से बढ़ता है राहु का प्रकोप, रखें साफ-सफाई
पक्षियों के लिए रखा जाने वाला दाना और पानी हमेशा पूरी तरह स्वच्छ और ताजा होना चाहिए। अगर पानी का बर्तन गंदा होगा या भोजन बासी होगा, तो पक्षी बीमार पड़ सकते हैं। वास्तु के अनुसार गंदे बर्तन में पानी देने से पुण्य की जगह दोष लगता है।
अस्वच्छता के कारण घर में राहु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ने लगता है, जो परिवार में बीमारियां लाता है। इसलिए, यह बेहद आवश्यक है कि आप हर सुबह और शाम को पानी का बर्तन अच्छी तरह साफ करें। बर्तनों में हमेशा ताजा और शुद्ध पेयजल ही भरें।

भूलकर भी न करें प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल
धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही मान्यताओं के अनुसार, पक्षियों को पानी पिलाने के लिए मिट्टी के पात्र सबसे उत्तम माने जाते हैं। मिट्टी के बर्तनों में पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, जिससे पक्षियों को इस भीषण गर्मी में बहुत राहत मिलती है।
अगर आपके पास मिट्टी का बर्तन उपलब्ध न हो, तो आप विकल्प के तौर पर स्टील के साफ पात्र का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित है। प्लास्टिक में पानी गर्म और जहरीला हो जाता है।

उत्तर-पूर्व दिशा में दाना रखना होता है सबसे शुभ
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, पक्षियों के लिए भोजन और पानी हमेशा घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में ही रखना चाहिए। आप इसे छत या बालकनी के किसी सुरक्षित कोने में रख सकते हैं। इस दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि इस पवित्र दिशा में नियमित रूप से दाना-पानी रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेजी से बढ़ता है। इसके प्रभाव से घर के सदस्यों की तरक्की होती है और लंबे समय से रुके हुए सभी महत्वपूर्ण काम आसानी से बनने लगते हैं।

सीधी धूप और शिकारी जीवों से बचाना है जरूरी
कई बार लोग अनजाने में पानी का बर्तन ऐसी जगह रख देते हैं, जहां दिनभर सीधी तेज धूप आती है। इससे पानी अत्यधिक गर्म हो जाता है, जिसे बेजुबान पक्षी पी नहीं पाते। इसलिए, पानी का पात्र हमेशा किसी ठंडी छांव वाली जगह पर ही स्थापित करें।
इसके अलावा, दाना और पानी हमेशा थोड़ी ऊंचाई पर रखें ताकि बिल्ली या अन्य शिकारी जानवर पक्षियों को नुकसान न पहुंचा सकें। बर्तन में कभी भी जरूरत से ज्यादा दाना न भरें। अनाज के सड़ने से घर में दरिद्रता और वास्तु दोष पैदा होता है।
Author: Pandit Balkrishan Sharma


