Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के पदों पर भर्ती के लिए चार साल से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। विज्ञापन संख्या-01/2022 के तहत होने वाली यह बहुप्रतीक्षित परीक्षा 3 और 4 जून को आयोजित की जाएगी। इसके लिए 8.68 लाख से अधिक उम्मीदवार लंबे समय से तैयारी कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इस विशाल परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य के 36 जिलों में कुल 614 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। आयोग ने उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) जारी करने के साथ ही परीक्षा से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण और कड़े दिशा-निर्देश भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं।
आयोग द्वारा जारी नए नियमों के मुताबिक, परीक्षा के आखिरी आधे घंटे के दौरान किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष (एग्जाम हॉल) से बाहर जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। टीजीटी के सभी 15 विषयों की परीक्षा को दो दिनों के भीतर संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए आयोग ने पूरी प्रशासनिक तैयारी कर ली है।
दो पालियों में होगी परीक्षा, समय का रखें विशेष ध्यान
इस शिक्षक भर्ती परीक्षा के पहले दिन आठ विषयों और दूसरे दिन सात विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। दोनों ही दिन परीक्षा दो पालियों (शिफ्ट) में संपन्न होगी। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने समय सारणी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
उप सचिव के अनुसार, पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर 11:30 बजे तक चलेगी। वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर के जरिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।
आयोग ने परीक्षार्थियों को आगाह किया है कि परीक्षा शुरू होने से ठीक 45 मिनट पहले परीक्षा केंद्र का मुख्य प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि पहली पाली के अभ्यर्थियों के लिए सुबह 8:45 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:45 बजे के बाद किसी भी कीमत पर एंट्री नहीं मिलेगी।
दस्तावेजों की लिस्ट और ओएमआर शीट को लेकर जरूरी निर्देश
परीक्षा केंद्र पर शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को अपने साथ तीन पासपोर्ट साइज फोटो, एक वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस) की मूल प्रति (ओरिजिनल) और उसकी एक फोटोकॉपी लाना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों के बिना किसी भी छात्र को केंद्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
राहत की बात यह है कि इस परीक्षा में कोई निगेटिव मार्किंग (ऋणात्मक अंकन) नहीं होगी। यानी गलत उत्तर देने पर उम्मीदवारों के अंक नहीं काटे जाएंगे। परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षार्थी अपनी ओएमआर (OMR) शीट की कॉपियों को खुद अलग नहीं करेंगे। यह काम कक्ष निरीक्षक (इन्विजिलेटर) द्वारा किया जाएगा और वही आपको आपकी कार्बन कॉपी सौंपेंगे।
Author: Ajay Mishra


