Kolkata News: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रविवार को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। सिब्बल ने कहा कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है जहां सत्ताधारी दल लोकतंत्र को खत्म करने पर आमादा है। इस घटना ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
वरिष्ठ वकील सिब्बल ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की रहस्यमयी चुप्पी पर बड़े सवाल उठाए। सोनारपुर में हिंसा पीड़ितों से मिलने गए अभिषेक बनर्जी के साथ भीड़ ने कथित तौर पर गंभीर मारपीट की थी।
सोची-समझी साजिश के तहत सांसद पर बरसाए गए लात-घूंसे
शनिवार को हुई इस घटना के दौरान अज्ञात हमलावरों ने टीएमसी सांसद पर अचानक पत्थर, जूते और अंडे फेंके। उग्र भीड़ ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाते हुए उन पर लात-घूंसे भी बरसाए। कपिल सिब्बल ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सोशल मीडिया पर इस हमले का वीडियो देखकर मैं पूरी तरह स्तब्ध रह गया।
सिब्बल ने दावा किया कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। हमलावरों ने अभिषेक बनर्जी के सिर को निशाना बनाकर भारी पत्थर फेंके थे। सौभाग्य से सांसद ने उस समय हेलमेट पहन रखा था। अगर उन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता तो यह गंभीर चोट उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।
सांसद की सुरक्षा हटाने और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल
भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए सिब्बल ने कहा कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा हटा ली थी। अधिकारियों को उनके रूट की पूरी जानकारी थी। वहां आम नागरिक नहीं बल्कि गुंडे जमा थे। ऐसे हिंसक लोगों से सरकार को तुरंत वोट देने का अधिकार छीन लेना चाहिए।
सिब्बल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की चुप्पी को बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती का भरोसा दिया था। वहां केंद्रीय बल और राज्य पुलिस मौजूद थी। इसके बावजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और कुछ तो घटना का वीडियो बनाने में व्यस्त थे।
संसद में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने और कड़ी सजा की मांग
कपिल सिब्बल ने मांग की है कि अभिषेक बनर्जी सांसद हैं, इसलिए हमलावरों के खिलाफ तुरंत विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाए। उन्होंने पूछा कि क्या इस साजिश की जांच हुई और क्या किसी की गिरफ्तारी की गई? उन्होंने हुगली में टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमले की भी कड़ी निंदा की है।
कल्याण बनर्जी के सिर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं के घेराव के कारण गंभीर चोटें आई हैं। सिब्बल ने पूछा कि क्या चुनाव जीतने के बाद विपक्ष को हिंसक तरीकों से कुचलना ही विकसित भारत का असली चेहरा है? सत्ताधारी दल की यह डरावनी मानसिकता हमारे गणतंत्र की मजबूत नींव को पूरी तरह नष्ट कर रही है।
Author: Harikarishan Sharma


