कसौली दुष्कर्म मामले में फिर हलचल, पीड़िता पहुंची हाई कोर्ट; बंद केस पर अब नई कानूनी जंग शुरू

Himachal Pradesh News: हरियाणा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और गायक रॉकी मित्तल से जुड़े चर्चित कसौली सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। निचली अदालत से राहत न मिलने के बाद पीड़िता अब सीधे हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट पहुंची है, जहां मामले पर शुरुआती सुनवाई हो चुकी है।

हाई कोर्ट ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही कसौली की निचली अदालत से पूरे मामले का रिकॉर्ड और सभी जरूरी दस्तावेज तुरंत तलब कर लिए हैं। इस कदम के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।

हाई कोर्ट के नोटिस से बढ़ी हलचल

पीड़िता ने कसौली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें केस बंद किया गया था। बाद में जब उसने मामले को फिर से खोलने की मांग की, तब निचली अदालत ने वह आग्रह भी ठुकरा दिया। अब यही फैसला हाई कोर्ट में चुनौती के केंद्र में आ गया है।

हाई कोर्ट के रिकॉर्ड तलब करने को कानूनी प्रक्रिया में अहम कदम माना जा रहा है। इससे साफ है कि अदालत इस मामले की पृष्ठभूमि, जांच और निचली अदालत के आदेश को विस्तार से देखना चाहती है। इसी वजह से बंद हो चुका मामला फिर से सक्रिय होता दिख रहा है।

क्या हैं पीड़िता के गंभीर आरोप

कसौली पुलिस ने 13 दिसंबर 2024 को मोहन लाल बड़ौली और रॉकी मित्तल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वह अपनी सहेली और बॉस के साथ कसौली आई थी। इसी दौरान एक होटल में उसके साथ जबरन गलत काम किया गया।

पीड़िता के अनुसार, घटना हिमाचल टूरिज्म कॉर्पोरेशन के होटल ‘रॉस कॉमन’ में हुई थी। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे जबरन शराब पिलाई और उसके बाद सामूहिक दुष्कर्म किया। यह मामला सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।

पुलिस जांच और क्लोजर रिपोर्ट पर सवाल

जांच के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि उसे आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। कसौली अदालत ने इस रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए मामला बंद कर दिया, जिससे पीड़िता ने कड़ा विरोध जताया।

पीड़िता का कहना है कि मामले की जांच और अदालत की प्रक्रिया को दोबारा देखा जाना चाहिए। इसी मांग के साथ उसने पहले निचली अदालत में केस फिर से खोलने की गुहार लगाई। जब वहां राहत नहीं मिली, तब उसने अब हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर

हाई कोर्ट की शुरुआती दखल के बाद अब इस केस की अगली कानूनी दिशा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का जवाब और निचली अदालत का रिकॉर्ड सामने आने के बाद आगे की सुनवाई होगी। इससे यह तय होगा कि मामले में बंद हो चुकी प्रक्रिया पर दोबारा विचार होगा या नहीं।

Author: Sunita Gupta

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