मंडी में भाजपा का प्रचंड ‘कमल’, कांग्रेस को उसके ही गढ़ में दी करारी शिकस्त

Mandi News: हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले मंडी में नगर निगम चुनावों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एकतरफा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। प्रदेश की सत्ता पर काबिज कांग्रेस को उसके ही गृह क्षेत्र में करारी शिकस्त देते हुए भाजपा ने मंडी नगर निगम के 12 वार्डों पर अपना परचम लहराया है।

दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी महज एक-एक सीट पर ही सिमट कर रह गए। इस प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा ने एक बार फिर मंडी के स्थानीय निकाय पर अपना दबदबा साबित कर दिया है। घोषित नतीजों के अनुसार भाजपा प्रत्याशियों ने शहर के मुख्य और रणनीतिक वार्डों में शानदार प्रदर्शन किया है।

जानिए किस वार्ड से किसने मारी बाजी

वार्ड नंबर 2 से सरिता हांडा ने शानदार जीत दर्ज की है। वहीं वार्ड नंबर 3 से निर्मल वर्मा विजयी रहीं। वार्ड नंबर 5 से कृष्णा ठाकुर और वार्ड नंबर 6 से वीरेंद्र आर्य ने सफलता हासिल की। इसके अलावा वार्ड नंबर 9 से सुमन और वार्ड नंबर 10 से नेहा कुमारी ने कमल खिलाकर जीत का परचम लहराया।

विपक्ष के इस तूफान के बीच कांग्रेस बड़ी मुश्किल से अपना खाता खोलने में कामयाब रही। वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस की नर्मदा देवी ने जीत हासिल की, जो उनकी पार्टी के लिए एकमात्र राहत की खबर रही। वहीं वार्ड नंबर 1 में निर्दलीय उम्मीदवार अलकनंदा हांडा ने सभी को चौंकाते हुए जीत का स्वाद चखा।

साल 2021 के मुकाबले और अधिक मजबूत हुई भाजपा

मंडी नगर निगम के पिछले इतिहास पर नजर डालें तो साल 2021 के चुनावों में भाजपा ने 15 में से 11 वार्डों में जीत हासिल की थी। इस बार परिस्थितियां पूरी तरह अलग थीं, क्योंकि राज्य में कांग्रेस की सरकार है और भाजपा विपक्ष में थी। इसके बावजूद भाजपा ने अपनी सीटें बढ़ाकर 12 कर ली हैं।

यह बड़ी जीत भाजपा के मजबूत सांगठनिक ढांचे को दर्शाती है। इस बड़ी चुनावी कामयाबी के पीछे भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कड़ी मेहनत रही। जयराम ठाकुर ने खुद इस चुनाव की कमान संभाली थी और प्रत्येक वार्ड में सघन जनसंपर्क कर मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में मोड़ा।

इसके साथ ही स्थानीय भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा की प्रतिष्ठा भी इस चुनाव से सीधे तौर पर जुड़ी हुई थी। मंडी क्षेत्र में शर्मा परिवार का दशकों पुराना राजनीतिक प्रभाव रहा है। इस ऐतिहासिक परिणाम ने न केवल स्थानीय स्तर पर भाजपा को और अधिक शक्तिशाली बना दिया है, बल्कि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरी है।

Author: Harikarishan Sharma

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