भोपाल का चर्चित ट्विशा शर्मा हत्याकांड: CBI की गिरफ्त में रिटायर्ड जज, इन 14 तीखे सवालों से कांपीं गिरिबाला सिंह!

Crime News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में इस समय रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह सीबीआई (CBI) की गिरफ्त में हैं। अदालत से केंद्रीय जांच एजेंसी को गिरिबाला सिंह की 5 दिन की रिमांड भी मिल चुकी है, जिसके बाद से लगातार उनसे तीखे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।

ट्विशा की संदिग्ध मौत के बाद जब स्थानीय थाने में केस दर्ज हुआ था, तो गिरिबाला सिंह ने जिला कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी। लेकिन महज 15 दिन बाद ही जबलपुर हाई कोर्ट से उनकी जमानत रद्द हो गई। इसके बाद 28 मई को सीबीआई कटारा हिल्स स्थित उनके आवास पर पहुंची थी।

जांच एजेंसी ने वहां करीब पांच घंटे तक लंबी पूछताछ की और फिर संतोषजनक जवाब न मिलने पर गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के दौरान सीबीआई की टीम ने रिटायर्ड जज के सामने 14 ऐसे तीखे सवाल रखे, जिनका जवाब देने में उनके पसीने छूट गए।

सीबीआई ने रिटायर्ड जज से पूछे ये 14 तीखे सवाल

सीबीआई की पूछताछ का मुख्य फोकस घटना की टाइमलाइन और सबूतों को लेकर था। एजेंसी ने गिरिबाला सिंह से पूछा कि आपको ट्विशा शर्मा की मृत्यु की जानकारी कब और कैसे मिली? मौत की खबर मिलते ही आपने सबसे पहला कदम क्या उठाया और क्या आपने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी थी?

इसके अलावा आर्थिक लेन-देन को लेकर सवाल किया गया कि क्या आपने कभी ट्विशा शर्मा या उनके परिवार से किसी प्रकार का वित्तीय लाभ लिया था? एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी समर्थ सिंह कहां छिपा था और गिरफ्तारी से पहले वह किस-किस स्थान पर रह रहा था?

एजेंसी ने यह भी पूछा कि एफआईआर के बाद क्या आपकी समर्थ सिंह से कोई बातचीत हुई थी? आपके घर के सीसीटीवी सिस्टम का समय वास्तविक समय से लगभग 2 घंटे 20 मिनट पीछे क्यों चल रहा था? यह तकनीकी समस्या कब से थी और आपने घटना के बाद टेक्नीशियन रोहित विश्वकर्मा को क्यों कॉल किया था?

साक्ष्यों से छेड़छाड़ और 54 मिनट के रहस्य पर फोकस

पूछताछ के आखिरी चरणों में सीबीआई ने पूछा कि घटना का सबसे पहला प्रत्यक्षदर्शी कौन था? मौके पर सबसे पहले आप पहुंची थीं या समर्थ सिंह? आपने ट्विशा के परिजनों को सूचना कब दी और क्या घटना के बाद किसी भी प्रकार के साक्ष्य, रिकॉर्डिंग या डिजिटल डेटा में कोई बदलाव कराया गया था?

सीबीआई की जांच फिलहाल उन रहस्यमयी 54 मिनटों पर टिकी है, जिनमें ट्विशा शर्मा की मौत हुई। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह हत्या है या आत्महत्या। एफआईआर के मुताबिक, 12 तारीख की रात 9:41 बजे ट्विशा की अपने परिवार से फोन पर बात हो रही थी, तभी पीछे से समर्थ के चिल्लाने की आवाज आई थी।

इसके बाद रात को ठीक 10:35 बजे जब ट्विशा की भाभी ने दोबारा फोन मिलाया, तो गिरिबाला सिंह ने कथित तौर पर फोन उठाकर कहा कि ‘शी इज नो मोर’। फोन कटने और दोबारा फोन आने के बीच के इसी 54 मिनट के खौफनाक घटनाक्रम को डिकोड करने में सीबीआई की टीम जुटी हुई है।

‘वर्चुअल टनल व्यू’ तकनीक से खुलेगा मौत का राज

सीबीआई ने ट्विशा शर्मा के अंतिम पलों के सच को सामने लाने के लिए पहली बार एक हाईटेक ‘वर्चुअल टनल व्यू’ तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। इसके जरिए जांचकर्ता कटारा हिल्स स्थित तीन मंजिला घर के भीतर हुई हर छोटी-बड़ी गतिविधि को डिजिटल तरीके से रीक्रिएट कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, वाई-फाई लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सभी कमरों की फॉरेंसिक मैपिंग को आपस में जोड़कर एक सटीक डिजिटल वर्चुअल मॉडल तैयार कर रही है। इससे मकान में किस समय कौन कहां मौजूद था, इसकी मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन बनाई जा रही है।

सीबीआई यह भी जांच रही है कि क्या वारदात के बाद किसी डिजिटल रिकॉर्ड या सीसीटीवी फुटेज के टाइमस्टैम्प से छेड़छाड़ की गई थी। इसके लिए एक सिमुलेटेड वॉकथ्रू तैयार किया जा रहा है। अब सीबीआई गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, जिससे कई चौंकाने वाले राज खुल सकते हैं।

Author: Raj Thakur

Hot this week

Related Articles

Popular Categories