Haryana News: झज्जर के शहरी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास करोड़ों रुपये की कीमती कृषि और व्यावसायिक जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भू-माफिया ने जाली दस्तावेजों, नकली पहचान पत्रों और फर्जी हस्ताक्षरों के सहारे करीब 5 एकड़ जमीन का मालिकाना हक बदल दिया। इस बड़ी धोखाधड़ी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
पीड़ितों ने उपायुक्त और पुलिस आयुक्त को अलग-अलग शिकायत पत्र सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्राथमिक जांच में 15 से 20 भू-मालिकों की पुश्तैनी जमीन के फर्जी कागजात तैयार करने की बात सामने आई है। पीड़ितों ने इस पूरे खेल में एक बड़े संगठित भू-माफिया नेटवर्क के शामिल होने की आशंका जताई है।
शिमला में तैयार हुआ फर्जी मुख्तारनामा
प्रशासन को सौंपे गए पत्र के अनुसार वार्ड नंबर 13 निवासी बलजीत ने जब अपनी पैतृक जमीन की फर्द जमाबंदी निकलवाई तो सच्चाई जानकर उनके होश उड़ गए। पटवारी ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन बीती 18 अगस्त 2025 को हवा सिंह फलसवाल के नाम दर्ज हो चुकी है।
पड़ताल में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने हिमाचल प्रदेश के शिमला में जाकर एक फर्जी मुख्तारनामा तैयार करवाया था। इस जालसाजी के लिए नकली पहचान पत्र, पैन कार्ड और जाली हस्ताक्षरों का सहारा लिया गया। इसके बाद पीड़ित परिवारों ने रजिस्ट्री को तुरंत रद्द करने और इंतकाल पर रोक लगाने की गुहार लगाई है।
ड्यूटी पर तैनात सिपाही की जमीन बेची
जमीन धोखाधड़ी से जुड़ा दूसरा गंभीर मामला वार्ड नंबर 16 के मोहल्ला छावनी से सामने आया है। यहां हरियाणा पुलिस में कार्यरत सिपाही हरिओम और अन्य सह-मालिकों की रेलवे स्टेशन के पास स्थित कीमती जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया। सह-मालिक भजनलाल जब अप्रैल 2026 में पटवार भवन गए तब उन्हें इस हेरफेर का पता चला।
जांच में पता चला कि आरोपी ने एक फर्जी मुख्तारनामा तैयार करवाकर जमीन अपनी ही पत्नी अनीता के नाम ट्रांसफर कर दी। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस तिथि को यह मुख्तारनामा बना दिखाया गया है, उस दिन शिकायतकर्ता हरिओम पुलिस विभाग में अपनी सरकारी ड्यूटी पर पूरी मुस्तैदी से तैनात थे।
इस गंभीर मामले की शिकायत पहले सिटी झज्जर के थाना प्रभारी को भी दी गई थी। अब पीड़ितों ने दोबारा उच्चाधिकारियों को सामूहिक हस्ताक्षर युक्त पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेजों की गहनता से जांच और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
Author: Sandeep Hooda

