Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के किसानों के लिए एक परेशान करने वाली खबर है। इस बार कृषि विभाग के पास धान और अदरक का सरकारी बीज नहीं आएगा। इस फैसले से किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। अब उन्हें खेती के लिए पूरी तरह बाजार पर निर्भर रहना पड़ेगा।
मांग न होने से नहीं मंगवाया धान का बीज
कृषि विभाग हमीरपुर के पास इस बार खरीफ सीजन के लिए धान का बीज उपलब्ध नहीं होगा। ब्लॉकों से इस बार धान की मांग ही आगे नहीं भेजी गई थी। इसी वजह से मुख्यालय ने बीज का स्टॉक नहीं मंगवाया। पिछले साल विभाग ने करीब 15 क्विंटल धान का बीज वितरित किया था।
पिछले वर्ष हमीरपुर ब्लॉक को दो क्विंटल और भोरंज ब्लॉक को 13 क्विंटल धान का बीज मिला था। इस साल सरकारी आपूर्ति ठप होने से किसानों को खुले बाजार का रुख करना होगा। बाजार में मिलने वाला निजी कंपनियों का हाइब्रिड बीज सरकारी दरों के मुकाबले काफी महंगा पड़ता है।
अदरक और लहसुन की सप्लाई पर भी ब्रेक
सरकारी केंद्रों पर पिछले दो वर्षों से अदरक का बीज भी नहीं आ रहा है। पहले हमीरपुर के किसानों को सिरमौर जिले की उत्तम क्वालिटी का अदरक और लहसुन सस्ते दामों पर मिलता था। सूत्रों के अनुसार, सब्सिडी खत्म होने और दाम अधिक होने के कारण विभाग ने इस बार मांग नहीं भेजी।
कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डीडी शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बार ब्लॉकों में धान और अदरक का बीज नहीं आएगा। महंगी दरों के कारण इसकी मांग आगे नहीं भेजी जा सकी। उन्होंने किसानों को समय पर बाजार से बीज का प्रबंध करने की सलाह दी है।
सरकारी बीजों से सब्सिडी पूरी तरह खत्म
विभाग ने मक्की, चरी और बाजरे का बीज सहकारी सभाओं को जरूर भेज दिया है। हालांकि, इस बार इन बीजों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। सब्सिडी हटने से इस बार कृषि केंद्रों पर बीज खरीदने के लिए किसानों की भीड़ गायब है।
हैरानी की बात यह है कि सरकारी ब्लॉकों में बिना सब्सिडी के मिल रहे बीजों के दाम बढ़ गए हैं। इसके विपरीत, स्थानीय बाजार में मक्की और चारे के बीज सरकारी केंद्रों से कम रेट पर मिल रहे हैं। इस बेरुखी से किसानों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
Author: Sunita Gupta


