Madhya Pradesh News: भोपाल की बहुचर्चित ट्विशा शर्मा रहस्यमयी मौत मामले में सेंट्रल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। केंद्रीय एजेंसी ने भोपाल पुलिस से केस डायरी अपने हाथ में लेते हुए नई एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई की विशेष टीम जांच के लिए भोपाल पहुंच चुकी है।
सीबीआई ने मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु का मुकदमा दर्ज किया है। ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष पर गंभीर प्रताड़ना देने के आरोप लग रहे हैं।
विदाई के समय दो लाख रुपये दहेज मांगने का सनसनीखेज आरोप
सीबीआई द्वारा 25 मई 2026 को दर्ज की गई एफआईआर में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2), 85, 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला कायम किया है। इससे आरोपियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
एफआईआर के अनुसार विदाई के समय ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने मायके वालों से दो लाख रुपये की नकदी मांगी थी। दबाव में आकर पीड़ित परिवार ने यह रकम दे दी थी। मृतका की सास पूर्व जिला न्यायाधीश हैं, जिससे यह मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा
पेशे से वकील समर्थ सिंह की 33 वर्षीय पत्नी ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। मायके पक्ष ने पूर्व जिला जज और उनके वकील बेटे पर दहेज के लिए आत्महत्या के लिए उकसाने का सीधा आरोप मढ़ा है।
दूसरी तरफ आरोपी सिंह परिवार इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। उनका दावा है कि ट्विशा गंभीर नशे की लत से पीड़ित थीं। इसी कारण उन्होंने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि पुलिस और सीबीआई को इस दावे पर गहरा संदेह है।
पोस्टमार्टम में मिले चोट के निशान और एम्स में दोबारा ऑटोप्सी
ट्विशा के पति समर्थ सिंह मौत के बाद से फरार चल रहे थे। पुलिस ने करीब 10 दिन की लुकाछिपी के बाद पिछले सप्ताह उन्हें गिरफ्तार किया था। जनाक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच तुरंत सीबीआई को सौंप दी थी।
शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह जीवित अवस्था में फांसी लगना बताया गया है। इसके साथ ही ट्विशा के शरीर पर गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर एम्स दिल्ली के डॉक्टरों की टीम शव का दूसरा पोस्टमार्टम करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान और मीडिया को दी सख्त सलाह
इस हाई-प्रोफाइल मामले में देश की सर्वोच्च अदालत ने भी दखल दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रिया संबंधी अनियमितताओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने दोनों परिवारों की बयानबाजी पर कड़ी आपत्ति जताई है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पांचोली की पीठ ने मामले की गंभीरता को रेखांकित किया। शीर्ष अदालत ने देश के सभी मीडिया घरानों को इस संवेदनशील केस की रिपोर्टिंग के दौरान संयम बरतने की सख्त हिदायत दी है।
Author: Raj Thakur


