Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की सियासत में उस समय भारी उबाल आ गया, जब केंद्र सरकार पर एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल का व्हाट्सएप अकाउंट बंद कराने के गंभीर आरोप लगे। विपक्षी दल ने इस पूरी कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है।
विपक्ष ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल
हिमाचल प्रदेश कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार ने इस मामले में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र की जन-विरोधी नीतियों और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने के कारण उनके दल को निशाना बनाया गया है। पार्टी का दावा है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से दिल्ली दरबार घबरा गया है।
विपक्षी दल ने स्पष्ट किया कि जब भी जनता महंगाई, बेरोजगारी और सड़कों की बदहाली पर सवाल पूछती है, तो सरकार घबरा जाती है। युवाओं को रोजगार के लिए राज्य से बाहर भेजने की नीति पर लगातार तीखे हमले हो रहे थे। इसी सोशल मीडिया सेंसरशिप के तहत विपक्ष की आवाज को दबाने का यह कायराना प्रयास किया गया है।
सोशल मीडिया अकाउंट बंद होने से बढ़ा सियासी तनाव
पार्टी अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि सरकार का यह दमन चक्र अब लंबे समय तक नहीं चलेगा। प्रदेश की जनता अब हर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तानाशाही के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी। एक व्हाट्सएप अकाउंट बंद करने से सत्य की आवाज को दबाना पूरी तरह असंभव है और यह सरकार की कमजोरी को दिखाता है।
इस बड़े राजनीतिक विवाद के बाद विपक्षी दल अब पूरी तरह से आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है। पार्टी नेताओं ने साफ किया कि जनता अब इस तानाशाही सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है। आने वाले साल 2027 के विधानसभा चुनावों में जनता इस कार्रवाई का करारा जवाब देगी।
Author: Sunita Gupta

