World News: इजरायल की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत का बड़ा हिस्सा झोंक दिया है। हालिया ईरान-इजरायल संघर्ष में पेंटागन ने इतनी अधिक मिसाइल इंटरसेप्टर दाग दीं कि अब उनके अपने हथियारों के भंडार पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का मिसाइल स्टॉक अब आधा खाली हो चुका है।
द वॉशिंगटन पोस्ट की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने अमेरिकी रक्षा तैयारियों की पोल खोल दी है। इस संघर्ष के दौरान अमेरिका ने 200 से अधिक THAAD इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही नौसैनिक जहाजों से 100 से अधिक SM-3 और SM-6 इंटरसेप्टर भी दागे गए, जिससे पेंटागन के पास मौजूद हथियारों पर भारी दबाव बढ़ा है।
दिलचस्प बात यह है कि इस युद्ध में इजरायल ने खुद अपने बचाव में इतनी मिसाइलें नहीं चलाईं। आंकड़ों की तुलना करें तो अमेरिका ने इजरायल के मुकाबले 120 से ज्यादा अधिक इंटरसेप्टर दागे। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका ने अपनी रक्षा क्षमताओं का जोखिम उठाकर इजरायल के स्टॉक को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाई है।
सहयोगी देशों की सुरक्षा पर संकट
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका के पास अब महज 200 THAAD इंटरसेप्टर बचने का अनुमान है। इन हथियारों की उत्पादन दर इतनी धीमी है कि इन्हें जल्दी रिफिल करना नामुमकिन सा लग रहा है। इस स्थिति ने जापान और दक्षिण कोरिया जैसे अमेरिकी सहयोगियों की नींद उड़ा दी है, जो अपनी रक्षा के लिए सीधे अमेरिका पर निर्भर हैं।
चीन और उत्तर कोरिया जैसे देशों से बढ़ते खतरों के बीच हथियारों की यह कमी अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। यदि भविष्य में इन क्षेत्रों में कोई सैन्य तनाव पैदा होता है, तो अमेरिका के पास अपनी और सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मिसाइल डिफेंस सिस्टम उपलब्ध नहीं होंगे, जो चिंता का विषय है।
पेंटागन की सफाई और भविष्य की चुनौतियां
आगामी समय में ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की संभावित सैन्य कार्रवाई अमेरिकी मिसाइल भंडार के लिए और घातक साबित हो सकती है। हालांकि पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल ने सुरक्षा का बोझ मिलकर साझा किया है और यह एक संतुलित सैन्य प्रयास था।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध की यह रणनीति अमेरिका पर भारी पड़ रही है। सार्वजनिक नैरेटिव और वास्तविक सैन्य आंकड़ों के बीच का अंतर अब वाशिंगटन के लिए बड़ी रणनीतिक समस्या बनता जा रहा है। आने वाले समय में पेंटागन को अपने उत्पादन और रक्षा प्राथमिकताओं में तुरंत बदलाव करने की आवश्यकता होगी।
Author: Pallavi Sharma


