Himachal Pradesh News: प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर वन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने बुधवार से पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले विज्ञापनों के खिलाफ महा अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत विभिन्न शहरी इलाकों में पेड़ों पर अवैध रूप से ठोंकी गई कीलें, बोर्ड और लिपटे तारों को हटाया जा रहा है।
पेड़ों को दर्द से मुक्ति दिलाने के लिए बड़ा कदम
अक्सर निजी कंपनियां और शैक्षणिक संस्थान अपनी ब्रांडिंग के चक्कर में हरे-भरे पेड़ों को निशाना बनाते हैं। वे विज्ञापन बोर्ड टांगने के लिए पेड़ों के तनों में मोटी कीलें ठोंक देते हैं। इस बेरहमी से पेड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचता है। अब विभाग इस लापरवाही को रोकने के लिए पूरी तरह सख्त हो गया है।
वन मुख्यालय के कड़े आदेश के बाद सभी वन मंडलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बुधवार सुबह से ही फील्ड स्टाफ को तैनात कर दिया है। विभाग के कर्मचारी और अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर इस कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं। वे पेड़ों से लोहे की तारें और भारी-भरकम होर्डिंग्स कटर की मदद से निकाल रहे हैं।
मुख्यालय ने मांगी रिपोर्ट और जनभागीदारी पर जोर
प्रिंसीपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फोरेस्ट डा. संजय सूद ने इस मुहिम की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान आगामी 23 मई तक लगातार जारी रहेगा। इस तय समय सीमा के भीतर सभी वन मंडलों को अपने क्षेत्रों को पूरी तरह साफ करना होगा। अभियान खत्म होते ही विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। वन विभाग इसके जरिए आम जनता को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रहा है। अधिकारी लोगों को समझा रहे हैं कि पेड़ों में कील ठोंकने से वे अंदर से खोखले हो जाते हैं। भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी भी दी जा रही है।
Author: Sunita Gupta


