Himachal Pradesh News: चंबा जिले के चुवाड़ी उपमंडल में लगातार बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान स्थानीय लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस गंभीर विषय पर सख्त निर्देश जारी करने के बाद अब स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है।
बाजारों और रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों का भारी खौफ
चुवाड़ी कस्बे के मुख्य बाजारों, तंग गलियों और प्रमुख रिहायशी इलाकों में खूंखार आवारा कुत्तों के बड़े-बड़े झुंड खुलेआम घूम रहे हैं। इन लावारिस कुत्तों ने अब तक कई छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बेकसूर राहगीरों को काटकर लहुलूहान कर दिया है। इससे पूरे क्षेत्र के नागरिकों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
पंजीकृत पालतू कुत्ते सिर्फ 26 और आवारा श्वान सैकड़ों पार
नगर पंचायत के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार क्षेत्र में केवल 26 पालतू कुत्ते ही पंजीकृत हैं। इसके विपरीत सड़कों पर घूमने वाले लावारिस कुत्तों की संख्या सैकड़ों में पहुंच चुकी है। इस भारी अंतर को देखते हुए प्रशासन ने असली स्थिति का पता लगाने के लिए पालतू श्वानों का सटीक डेटा तैयार करना शुरू कर दिया है।
सिटीजन सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना अब बेहद अनिवार्य
नगर पंचायत के सचिव आदित्य चौहान ने सभी कस्बावासियों से अपने पालतू श्वानों का पंजीकरण तुरंत करवाने की विशेष अपील की है। उन्होंने बताया कि गृहस्वामी हिमाचल प्रदेश सिटीजन सेवा पोर्टल पर जाकर मात्र पचास रुपये का मामूली शुल्क देकर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को आसानी से पूरा कर सकते हैं।
प्रभावी नियंत्रण के लिए नागरिकों से सहयोग की बड़ी अपील
प्रशासन का मानना है कि इस अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया से पालतू और लावारिस श्वानों की सही पहचान करने में काफी मदद मिलेगी। नगर पंचायत सचिव ने कहा कि सही आंकड़े उपलब्ध होने के बाद प्रशासन आवारा कुत्तों की बेकाबू समस्या पर वैज्ञानिक तरीके से प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पूरी तरह सफल रहेगा।
Author: Sunita Gupta

