Lebanon News: दक्षिणी लेबनान में मंगलवार को इजराइली वायुसेना ने अब तक का सबसे भीषण हवाई हमला किया है। इस घातक बमबारी में चार महिलाओं और तीन मासूम बच्चों सहित कम से कम 19 नागरिकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस तबाही की आधिकारिक पुष्टि की है।
लेबनानी क्षेत्र में हुई इस भारी जनहानि पर इजराइल रक्षा बलों की तरफ से फिलहाल कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं आई है। दरअसल दोनों देशों के बीच यह ताजा हिंसक संघर्ष दो मार्च को शुरू हुआ था। यह भीषण गोलाबारी अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमले के ठीक दो दिन बाद भड़की थी।
इजराइली हवाई हमलों से दक्षिणी लेबनान में मची भारी तबाही
लेबनान सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि तटीय प्रांत टायर के खूबसूरत गांव दीर कनौन अल-नहर पर इजराइली विमानों ने सिलसिलेवार बम गिराए। इस भीषण हमले में तीन बच्चों और तीन महिलाओं समेत 10 लोगों की सांसें हमेशा के लिए थम गईं। इस हमले में एक मासूम बच्चा भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
स्थानीय राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक बमबारी में एक बहुमंजिला रिहायशी मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। इसके मलबे में दर्जनों लोग जिंदा दफन हो गए थे। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। वहीं दक्षिणी शहर नबातियेह में हुए दूसरे हवाई हमले में चार और नागरिकों की मौत हो गई।
प्रशासन के अनुसार पास के एक अन्य गांव कफर सिर पर हुए तीसरे हवाई हमले में एक महिला सहित पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस विनाशकारी जंग के कारण अब तक 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। वे बेरुत की सड़कों और भूमध्य सागर के तट पर तंबुओं में रहने को मजबूर हैं।
हिजबुल्ला के जवाबी ड्रोन हमलों से इजराइली सेना भी परेशान
दूसरी तरफ इजराइल अपनी सीमा के भीतर हिजबुल्ला द्वारा लगातार किए जा रहे घातक ड्रोन हमलों को रोकने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है। चरमपंथी संगठन उत्तरी इजराइल के सीमावर्ती कस्बों और वहां तैनात इजराइली सैनिकों को लगातार आधुनिक ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों से निशाना बना रहा है।
इजराइली सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर स्वीकार किया कि मंगलवार को जमीनी संघर्ष के दौरान उनका एक जांबाज सैनिक मारा गया। इसके साथ ही इस हालिया युद्ध में मारे गए इजराइली सैनिकों की कुल संख्या अब बढ़कर 21 हो गई है। हिजबुल्ला के लड़ाके इजराइली ठिकानों पर लगातार रॉकेट दाग रहे हैं।
इस बीच भारत के घरेलू मोर्चे से भी दो बेहद बड़ी प्रशासनिक और सामाजिक खबरें सामने आई हैं। देश की सर्वोच्च अदालत ने सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने पुराने नियमों के तहत पदोन्नति का दावा करने वाली सभी याचिकाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
वहीं दूसरी ओर देश के पूर्वी हिस्से में पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने महिलाओं के सामाजिक विकास को गति देने के लिए एक बड़ी पहल की है। राज्य कैबिनेट ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अपनी महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा’ योजना को आधिकारिक रूप से हरी झंडी दे दी है।
Author: Pallavi Sharma


