ई-फार्मेसी के खिलाफ आज देशव्यापी हड़ताल, 10 लाख से ज्यादा दवा दुकानें बंद रहने से क्या मरीजों की बढ़ेगी आफत?

New Delhi News: देश भर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी के विरोध में आज बुधवार को केमिस्टों ने बड़ी हड़ताल बुलाई है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के नेतृत्व में आज 10 लाख से ज्यादा दवा दुकानें बंद रहेंगी। इस देशव्यापी बंद के कारण कई राज्यों में मरीजों को दवाइयों की भारी किल्लत झेलनी पड़ सकती है।

दवा दुकानदारों का आरोप है कि सरकार की डिजिटल नीतियों से उनका पारंपरिक कारोबार पूरी तरह प्रभावित हुआ है। ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स बिना किसी कड़े नियम के धड़ल्ले से दवाइयां बेच रहे हैं। हालांकि, आयोजकों ने दावा किया है कि मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आपातकालीन दवाइयों की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी।

केमिस्ट एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के सामने रखीं तीन मांगें

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की है। केमिस्टों की पहली मांग ऑनलाइन बिक्री से जुड़े नोटिफिकेशन जीएसआर 817 को तुरंत रद्द करने की है। इसके साथ ही वे कोरोना काल के नोटिफिकेशन जीएसआर 220 को भी पूरी तरह वापस लेने पर अड़े हैं।

दवा विक्रेताओं की तीसरी बड़ी मांग ऑनलाइन दवाओं पर मिलने वाले भारी डिस्काउंट को तुरंत रोकना है। केमिस्टों का कहना है कि सरकार को या तो इस छूट पर पाबंदी लगानी चाहिए या फिर ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर में संशोधन करना चाहिए। वे खुदरा दुकानदारों के लिए दवा बिक्री का मार्जिन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

देश के कई राज्यों ने बनाई हड़ताल से दूरी

इस बड़े आंदोलन को लेकर देश के सभी राज्यों के केमिस्टों में पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों के रिटेल संघों ने खुद को इस हड़ताल से अलग रखा है। गुजरात, छत्तीसगढ़, हरियाणा और उत्तराखंड की दुकानें भी सामान्य रूप से खुली रहेंगी।

इन राज्यों के संगठनों ने प्रशासन को लिखित भरोसा दिया है कि वे दवाइयों की कमी नहीं होने देंगे। दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश के 52 जिला संगठन और कर्नाटक के कुछ हिस्से बंद का समर्थन कर रहे हैं। चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन ने भी हड़ताल का समर्थन किया है, जिससे वहां असर दिख सकता है।

आपातकालीन हालात से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद

हड़ताल के मद्देनजर विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य विभागों और ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। तेलंगाना सरकार ने मरीजों की मदद के लिए टोल-फ्री नंबर और स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टरों के नंबर जारी किए हैं। प्रशासन ने अपोलो और मेडप्लस जैसी बड़ी कॉर्पोरेट फार्मेसी चेन को हर हाल में खुला रखने का आदेश दिया है।

Author: Asha Thakur

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