New Delhi News: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारतीय राजनीति के गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। बिरला ने 13 मई 1952 के उस ऐतिहासिक दिन को याद किया, जब आजाद भारत की पहली निर्वाचित लोकसभा की बैठक हुई थी। इस यादगार तारीख के जिक्र के साथ ही अब देश की नजरें एक बड़े रिकॉर्ड पर टिकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के कीर्तिमान को पीछे छोड़ने वाले हैं।
लोकतंत्र के इतिहास का वो गौरवशाली पल
भारत के लोकतांत्रिक सफर में 13 मई 1952 का दिन मील का पत्थर माना जाता है। इसी दिन संसद की कार्यवाही की व्यवस्थित शुरुआत हुई थी। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संविधान के अधिकारों का उपयोग करते हुए यह पहली बैठक बुलाई थी। स्वतंत्र भारत का पहला आम चुनाव अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 तक चला था। ओम बिरला ने इस दिन को जनभागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित नए भारत की मजबूत नींव का प्रतीक बताया है।
नेहरू के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचे पीएम मोदी
निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने का रिकॉर्ड फिलहाल पंडित जवाहरलाल नेहरू के पास है। नेहरू ने 14 मई 1952 को पहली निर्वाचित सरकार के मुखिया के रूप में शपथ ली थी। वे 27 मई 1964 को अपने निधन तक इस पद पर लगातार बने रहे। इस तरह वह कुल 12 साल 14 दिनों तक देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक आंकड़े को पार करने की दहलीज पर खड़े नजर आ रहे हैं।
9 जून 2026 को दर्ज होगा नया कीर्तिमान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 के आम चुनावों में भी उनके नेतृत्व में एनडीए को बहुमत मिला। मौजूदा कार्यकाल को जोड़ते हुए 9 जून 2026 को पीएम मोदी निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल 15 दिन पूरे कर लेंगे। ऐसा करते ही वह नेहरू के नाम दर्ज लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे।
1952 से पहले मनोनीत प्रधानमंत्री थे नेहरू
जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल को लेकर अक्सर दो तरह के आंकड़े सामने आते हैं। वह पहली बार 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन तब वह चुनाव से नहीं बल्कि कांग्रेस द्वारा मनोनीत होकर पद पर पहुंचे थे। महात्मा गांधी की सिफारिश पर उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी। 14 मई 1952 को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने जाने से पहले तक वह अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे थे। नेहरू करीब 17 साल प्रधानमंत्री रहे, लेकिन निर्वाचित अवधि के मामले में मोदी अब आगे निकलेंगे।

