Gothenburg News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के ऐतिहासिक विदेश दौरे के तीसरे चरण में रविवार को स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने प्रोटोकॉल तोड़कर भारतीय प्रधानमंत्री का भव्य और जोरदार स्वागत किया। इस कूटनीतिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, भारी निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य की नई तकनीकों में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।
साल 2018 के बाद पीएम मोदी का पहला स्वीडन दौरा, यूरोपीय संघ के साथ बढ़ेगी नजदीकियां
वैश्विक कूटनीति के लिहाज से साल 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली स्वीडन यात्रा है। यह दौरा भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार, यह यात्रा वैश्विक मंच पर भारत और स्वीडन के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को एक नई दिशा देगी। दोनों देशों के शीर्ष नेता आपसी सहयोग का दायरा बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
7.75 अरब डॉलर के पार पहुंचा द्विपक्षीय व्यापार, नए निवेश पर रहेगा विशेष फोकस
भारत और स्वीडन के बीच आर्थिक संबंध पिछले कुछ समय से लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 7.75 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा, साल 2000 से 2025 के बीच भारत में स्वीडन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़कर 2.825 अरब डॉलर हो चुका है। इस बैठक में निवेश बढ़ाने पर गहन चर्चा होगी।
यूरोप के सबसे बड़े टेक पावरहाउस से एडवांस एआई और स्टार्टअप तकनीक सीखेगा भारत
स्वीडन को वर्तमान समय में पूरे यूरोपीय महाद्वीप में अत्याधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा पावरहाउस माना जाता है। प्रति व्यक्ति यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स के मामले में यह छोटा सा यूरोपीय देश दुनिया में सबसे आगे है। भारत इस महत्वपूर्ण यात्रा के माध्यम से स्वीडन की इसी उन्नत और मजबूत टेक्नोलॉजी को घरेलू उद्योगों में अपनाने की कोशिश कर रहा है। दोनों देशों के बीच डिजिटल इनोवेशन को लेकर एक ठोस रोडमैप तैयार होगा।
अंतरिक्ष और रक्षा विनिर्माण में साझेदारी, भारत के ‘वीनस मिशन’ को मिलेगी स्वीडिश ताकत
भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस दो दिवसीय दौरे में रक्षा और अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग और स्वदेशी तकनीकी हस्तांतरण पर अंतिम सहमति बन सकती है। अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में स्वीडन भारत के महत्वाकांक्षी ‘वीनस ऑर्बिटर मिशन’ के लिए आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण प्रदान करके पहले ही सहयोग बढ़ा रहा है।
यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, जुटेगा भारी वैश्विक निवेश
इस यात्रा के दौरान यूरोपीय बाजार में भारतीय पैठ मजबूत करने के लिए एक बड़ा आर्थिक कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वीडन के पीएम क्रिस्टर्सन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर ‘यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। यह मंच यूरोप के सबसे प्रमुख और अमीर व्यापारिक नेटवर्कों में से एक है, जहां से भारत में बड़ा निवेश आ सकता है।
पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट पर होगी गंभीर बातचीत
मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच दोनों प्रधानमंत्रियों की यह मुलाकात बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण समय पर हो रही है। शीर्ष राजनयिकों के मुताबिक, द्विपक्षीय बैठकों के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष पर भी गंभीर चर्चा होगी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री व्यापार मार्गों में आने वाली बाधाओं को लेकर दोनों ही नेता बेहद चिंतित हैं।


