World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने नए वित्तीय खुलासों के कारण एक बार फिर कानूनी जांच के घेरे में आ गए हैं। नए वित्तीय विवरणों के अनुसार, ट्रम्प या उनके निवेश सलाहकारों ने साल 2026 की पहली तिमाही में 3700 से अधिक गुप्त व्यापार किए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन सभी वित्तीय लेनदेन का कुल मूल्य लगभग 220 मिलियन डॉलर से लेकर 750 मिलियन डॉलर के बीच आंका गया है। ये चौंकाने वाले खुलासे अमेरिकी सरकारी नैतिकता कार्यालय में दर्ज किए गए हैं। इन दस्तावेजों के सामने आते ही अमेरिकी राजनीति में हड़कंप मच गया है।
इस बड़े वित्तीय लेनदेन में अमेरिका की कई नामी और दिग्गज कंपनियों के शेयर शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से एनवीडिया (Nvidia), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), ऑरेकल (Oracle), बोइंग (Boeing) और कॉस्टको (Costco) के बड़े सौदे किए गए हैं। हालांकि व्यापारों के सटीक आंकड़े अब तक पूरी तरह साफ नहीं हैं।
बिग टेक, मीडिया और रक्षा कंपनियों के शेयरों पर बड़ा दांव
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस वित्तीय खुलासे में एनवीडिया, ऑरेकल, माइक्रोसॉफ्ट, बोइंग, ईबे, उबर, एबट लैबोरेट्रीज, एटीएंडटी और डॉलर ट्री जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा इंटेल, नेटफ्लिक्स, पैरामाउंट स्काइडेंस और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी से जुड़े कई बड़े व्यापारिक सौदे भी साफ तौर पर दिखाए गए हैं।
इतना ही नहीं, ट्रम्प ने टेस्ला, एप्पल, मेटा, वीजा, क्वालकॉम और जीई एयरोस्पेस के लेनदेन का भी खुलासा किया है। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें से कई कंपनियों पर खुद ट्रम्प प्रशासन की नीतियों का सीधा और बड़ा असर पड़ता है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
उदाहरण के लिए इस सूची में एनवीडिया भी शामिल है, जिसकी उन्नत एआई (AI) चिप्स को विदेशी बिक्री के लिए सीधे अमेरिकी सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती है। ऐसी संवेदनशील और सरकारी नियंत्रण वाली कंपनियों में अमेरिकी राष्ट्रपति का निवेश होना कई गंभीर संशय पैदा करता है।
हितों के टकराव और नैतिकता पर फिर उठे गंभीर सवाल
इन बड़े खुलासों ने अमेरिका में राष्ट्रपति के व्यापारिक लेनदेन से जुड़े संभावित हितों के टकराव की पुरानी बहस को एक बार फिर पूरी तरह जिंदा कर दिया है। अमेरिका के कई पूर्व राष्ट्रपति अपने कार्यकाल के दौरान अपनी सभी वित्तीय संपत्तियों को हमेशा ‘ब्लाइंड ट्रस्ट’ में डाल देते थे।
इसके विपरीत डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद पर रहते हुए भी अपने विशाल व्यापार साम्राज्य का पूरा स्वामित्व अपने पास ही बनाए रखा है। आलोचकों का साफ कहना है कि ट्रम्प के निजी व्यापारिक हित और उनकी सरकारी नीतियों के बीच का यह सीधा टकराव गंभीर नैतिक चिंताओं को जन्म देता है।
इस पूरे विवाद पर व्हाइट हाउस ने किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलत काम से साफ इनकार किया है। वहीं ट्रम्प संगठन के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प या उनके परिवार का किसी भी विशेष निवेश को चुनने या उसे मंजूरी देने में कोई हाथ नहीं है।
अमेरिकी राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण हैं ये नए खुलासे?
ये नए खुलासे अमेरिकी नैतिकता विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं की ओर से राष्ट्रपति की वित्तीय संपत्तियों पर कड़े नियम लागू करने की मांग को और तेज कर सकते हैं। अमेरिकी कानून के तहत शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों के लिए अपनी संपत्ति का पारदर्शी विवरण देना बेहद जरूरी होता है।
आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इन खुलासों में अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सभी लेनदेन में स्टॉक्स, बॉंड्स या एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) शामिल थे या नहीं। इसके बावजूद इन व्यापारों की विशालता और उनकी लगातार आवृत्ति ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है।
Author: Pallavi Sharma


