Varanasi News: धर्म की नगरी वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में चल रही महत्वाकांक्षी सड़क चौड़ीकरण परियोजना अब निर्णायक दौर में है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 31 मई तक प्रभावित सभी 187 संपत्तियों को खाली कराने का लक्ष्य रखा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस परियोजना की जद में छह मस्जिदें भी आ रही हैं। विभाग का प्रयास है कि अगस्त के अंत तक इस पूरे मार्ग को तैयार कर शासन के हवाले कर दिया जाए।
दालमंडी क्षेत्र में चौड़ीकरण की रफ्तार तेज हो गई है। गुरुवार को सात जर्जर भवनों को गिराने के बाद अब तक कुल 107 संपत्तियां खाली कराई जा चुकी हैं। PWD के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह के अनुसार, शेष 80 संपत्तियों को इसी माह के अंत तक अधिग्रहित कर लिया जाएगा। विभाग वर्तमान में मस्जिद प्रबंधन समितियों और मुतवल्लियों के साथ गहन संवाद कर रहा है। पुनर्वास को लेकर अगले तीन-चार दिनों में कोई बड़ा फैसला होने की उम्मीद है।
मस्जिदों के लिए सरकार ने दिए दो बड़े विकल्प
सड़क निर्माण की बाधाओं को दूर करने के लिए PWD ने मस्जिद समितियों को दो विकल्प दिए हैं। यदि वक्फ बोर्ड समान क्षेत्रफल की जमीन देता है, तो सरकार वहां निर्माण लागत वहन करेगी। दूसरा विकल्प यह है कि उपयुक्त सरकारी जमीन पर सरकार खुद नई मस्जिद बनवाकर देगी। के.के. सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन मुतवल्लियों की सहमति के अनुसार ही आगे बढ़ेगा। इसमें धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान रखने का आश्वासन दिया गया है।
मस्जिद पक्ष की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। करीमुल्लाह बेग मस्जिद के प्रतिनिधि बाबू जान ने कहा कि समुदाय विकास कार्यों के विरोध में नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में और आपसी सहमति से संपन्न होनी चाहिए। प्रभावित छह मस्जिदों के प्रतिनिधि सामूहिक रूप से इस पर अंतिम निर्णय लेंगे। गौरतलब है कि इनमें लंगड़ा हाफिज और करीमुल्लाह बेग जैसी मस्जिदें 200 साल से भी अधिक पुरानी और ऐतिहासिक हैं।
परियोजना की जद में आने वाली मस्जिदों के नाम इस प्रकार हैं:
- लंगड़ा हाफिज मस्जिद (प्राचीन)
- करीमुल्लाह बेग मस्जिद (करीब 226 वर्ष पुरानी)
- संगमरमर वाली मस्जिद
- निसारन मस्जिद
- अली रजा मस्जिद
- रंगीले शाह मस्जिद
काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना होगा आसान
दालमंडी की यह नई सड़क लहुराबीर-गोदौलिया मार्ग से काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। करीब 650 मीटर लंबी और 17.4 मीटर चौड़ी यह सड़क वाराणसी की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान बनेगी। दालमंडी जैसे घनी आबादी वाले व्यापारिक क्षेत्र में इससे आवाजाही सुगम होगी। करोड़ों रुपये की लागत वाली इस परियोजना से न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि काशी आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।
PWD के अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर संपत्तियों को खाली कराने की निगरानी कर रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 31 अगस्त की समयसीमा तक कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त मशीनों और श्रमिकों को लगाया गया है। यह सड़क बनने के बाद वाराणसी के पुराने व्यापारिक गलियारों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों को नई गति मिलेगी।


