Himachal News: सोशल मीडिया पर इन दिनों एचआरटीसी बस के एक कंडक्टर का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में कंडक्टर पर खाद के कट्टे का 356 रुपये किराया वसूलने का आरोप लगा। लोगों ने बिना सच जाने कंडक्टर को खूब बुरा-भला कहा। लेकिन अब इस वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई सामने आ गई है। जांच में पता चला है कि कंडक्टर ने कोई बेईमानी नहीं की। उसने निगम के नियमों का पूरा पालन किया है। उल्टे वीडियो बनाने वाले ने ही आधी-अधूरी जानकारी फैलाकर जनता को गुमराह किया है।
खाद के कट्टे पर कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरी घटना 25 मार्च 2026 की है। पांवटा साहिब से क्यारी गुंडाहा रूट पर एचआरटीसी की बस जा रही थी। बस में एक व्यक्ति ने 45 से 50 किलो खाद का कट्टा रखवा दिया। उस कट्टे के साथ कोई सवारी मौजूद नहीं थी। कंडक्टर विनोद कुमार ने इस कट्टे का किराया 356 रुपये मांगा। इसी बात पर जमकर बहस हुई। गुंडाहा निवासी विशाल ठाकुर ने इसका वीडियो बना लिया। उसने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में कंडक्टर पर जनता को लूटने का झूठा आरोप लगाया गया।
सामने आया एचआरटीसी का असली नियम
जब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो नियमों की किताब खोली गई। एचआरटीसी की वर्ष 2026 की लगेज पॉलिसी बिल्कुल स्पष्ट है। अगर कोई सामान बिना सवारी के बस में भेजा जाता है, तो उसका किराया अलग होता है। 41 से 80 किलो के बीच वजन होने पर दो पूरी टिकटों का किराया लगता है। पांवटा साहिब से क्यारी गुंडाहा तक एक सवारी का किराया 178 रुपये है। इस तरह दो टिकटों का कुल किराया 356 रुपये बनता है। कंडक्टर ने बिल्कुल सही और जायज किराया मांगा था।
ईमानदार कर्मचारी की छवि खराब करने की साजिश
निगम प्रबंधन ने कंडक्टर विनोद कुमार को पूरी तरह सही ठहराया है। अधिकारियों ने कहा कि कंडक्टर ने सरकारी खजाने को नुकसान होने से बचाया। उसने बेहद ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाई है। एचआरटीसी और प्रशासन ने आम लोगों से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि बिना पूरी जानकारी के ऐसे वीडियो शेयर बिल्कुल न करें। इससे ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल गिरता है। उनकी सामाजिक छवि को भी भारी नुकसान पहुंचता है।


