US News: अमेरिका में गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) की लंबे समय से चली आ रही आंशिक शटडाउन को खत्म करने की दिशा में सीनेट ने एक अहम कदम उठाया है। शुक्रवार की सुबह दुर्लभ रातभर चली बैठक में सीनेट ने सर्वसम्मति से विभाग के ज्यादातर हिस्सों को फंडिंग मंजूर कर दी। हालांकि, इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) के कुछ हिस्सों को इस फंडिंग से बाहर रखा गया।
TSA एजेंटों के वेतन पर लगी रोक हटी
शटडाउन कीवजह से हजारों टीएसए एजेंटों और अन्य डीएचएस कर्मचारियों का वेतन अटका हुआ था। इससे देशभर के हवाई अड्डों पर लंबी कतारें लग रही थीं और कई उड़ानें प्रभावित हो रही थीं। सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थून ने बताया कि ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए), यूएस कोस्ट गार्ड, एफईएमए और सीआईएसए जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों को फंडिंग मिलेगी, लेकिन आईसीई और बॉर्डर पेट्रोल को नहीं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार शाम घोषणा की थी कि भले ही विभाग पूरी तरह फंडेड न हो, टीएसए एजेंटों को वेतन दिया जाएगा।
डेमोक्रेट्स ने सुधारों पर जोर दिया
सीनेट माइनॉरिटीलीडर चक शूमर ने कहा कि आईसीई और बॉर्डर पेट्रोल को बिना किसी सुधार के ब्लैंक चेक नहीं दिया जा सकता। उन्होंने मिनियापोलिस में रेनी गुड और एलेक्स प्रेटी की हत्याओं का जिक्र करते हुए सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। शूमर ने कहा कि यह समझौता टीएसए, कोस्ट गार्ड, एफईएमए और सीआईएसए को फंडिंग देता है और बंदरगाहों तथा एंट्री पॉइंट्स पर सुरक्षा मजबूत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर रिपब्लिकन रास्ते में न आए होते तो यह हफ्तों पहले हो सकता था।
रिपब्लिकन का पलटवार
जॉन थून नेडेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि वे वास्तव में समस्या का समाधान नहीं चाहते थे, बल्कि सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स सुधारों की मांग कर रहे थे, लेकिन उनके पास कोई ठोस प्रस्ताव नहीं था। थून ने स्वीकार किया कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स इस प्रस्ताव को किस रूप में लेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल यह समझौता डीएचएस की पूरी बंदी को तुरंत खत्म नहीं करता, क्योंकि हाउस को भी इस पर मंजूरी देनी होगी। टीएसए और अन्य एजेंसियों के कर्मचारियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन आईसीई से जुड़ा विवाद अभी भी बना हुआ है। दोनों पार्टियां दो हफ्ते की छुट्टी से पहले इस गतिरोध को सुलझाना चाहती थीं।

