International News: अटलांटिक महासागर में डच क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ पर हंटावायरस फैलने से हड़कंप मच गया है। इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है। जहाज पर कुल 149 लोग सवार हैं, जिनमें दो भारतीय क्रू सदस्य भी शामिल हैं। ओशनवाइड एक्सपीडिशन द्वारा संचालित इस जहाज को फिलहाल केप वर्डे के पास लंगर डालकर रोक दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस स्थिति को देखते हुए दुनिया के 12 देशों को अलर्ट जारी किया है।
दुर्लभ हंटावायरस ने ली तीन लोगों की जान
जहाज पर सवार यात्रियों में हंटावायरस के लक्षण मिलने के बाद चिकित्सा आपातकाल घोषित कर दिया गया है। मरने वालों में एक डच जोड़ा और एक जर्मन नागरिक शामिल है। कई अन्य यात्रियों की हालत नाजुक बनी हुई है और वे डॉक्टरों की निरंतर निगरानी में हैं। एक गंभीर मरीज को इलाज के लिए जहाज से अस्पताल भेजा गया है। हालांकि, जहाज पर मौजूद दो भारतीय क्रू सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति और उनकी पहचान के बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
विश्व स्तर पर यात्रियों की तलाश और निगरानी तेज
चार महाद्वीपों के स्वास्थ्य अधिकारी उन यात्रियों का पता लगा रहे हैं जो संक्रमण की पुष्टि से पहले ही जहाज से उतर गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, 24 अप्रैल को करीब दो दर्जन लोग बिना किसी जांच के सेंट हेलेना में उतर गए थे। नीदरलैंड की क्रूज कंपनी ने बताया कि शेष यात्रियों में फिलहाल कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अर्जेंटीना में विशेषज्ञों की एक विशेष टीम उस शहर की जांच करने जा रही है, जहां से इस घातक वायरस के फैलने की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
जानिए कैसे फैलता है यह जानलेवा हंटावायरस
हंटावायरस आमतौर पर चूहों के संपर्क में आने से मनुष्यों में फैलता है। यह चूहों के मल, पेशाब या लार के कणों को सांस के जरिए शरीर में लेने से संक्रमित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्पष्ट किया है कि यह कोविड-19 जैसी महामारी नहीं है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता है। आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के एक से आठ हफ्ते के भीतर ही मरीज में इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
WHO ने 12 देशों को जारी किया कड़ा अलर्ट
WHO ने ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और जर्मनी सहित 12 देशों को आधिकारिक तौर पर चेतावनी भेजी है। इन देशों के नागरिक उस समय जहाज पर मौजूद थे या प्रभावित क्षेत्रों में उतरे थे। संगठन का मानना है कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को पूरी तरह लागू किया जाए, तो इस प्रकोप को रोका जा सकता है। क्रूज पर पहला मामला 2 मई को कन्फर्म हुआ था, जबकि पहली मौत अप्रैल की शुरुआत में ही हो चुकी थी जिसे पहले सामान्य बीमारी समझा गया था।


