Himachal News: हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़ा निर्देश जारी किया है। आयोग ने प्रदेशभर से सभी सरकारी होर्डिंग्स को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। शहरी और ग्रामीण निकायों में लगे प्रचार सामग्री को हटाया जाएगा। इन पोस्टरों में सरकारी योजनाओं और पदाधिकारियों का प्रचार किया गया था। इस सख्त आदेश का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना है। आयोग हर हाल में चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन चाहता है।
सभी दलों को मिलेगा समान अवसर
निर्वाचन आयोग सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को समान अवसर देना चाहता है। सरकारी विज्ञापनों से किसी भी दल को फायदा नहीं मिलना चाहिए। कांगड़ा के डीसी ने हाल ही में चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा था। इसी वजह से आयोग ने यह विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चुनाव के दौरान किसी भी पार्टी को सरकारी मशीनरी का लाभ नहीं मिलेगा। आयोग का यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाएगा।
जिला प्रशासन को मिले कड़े निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने सभी उपायुक्तों को पत्र लिखा है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में सरकारी योजनाओं वाले बैनर तुरंत हटाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया खत्म होने तक किसी भी सार्वजनिक स्थान पर ऐसे होर्डिंग्स नहीं लगेंगे। प्रशासन सुनिश्चित करेगा कि कोई भी विभाग अपनी उपलब्धियों का प्रचार न करे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने शुरू की हटाने की कार्रवाई
आयोग के आदेश आते ही स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रागपुर के खंड विकास अधिकारी राजकुमार ने इस कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन शुरू कर दिया गया है। ब्लॉक के सभी पंचायत सचिवों को पोस्टर हटाने के आदेश मिल चुके हैं। ग्रामीण स्तर पर सरकारी बैनर हटाने का काम तेजी से चल रहा है। चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।


