Bihar News: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड में आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। प्रखंड क्षेत्र में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कुल 282 केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में इन केंद्रों में सेविका और सहायिका के 52 पद रिक्त चल रहे हैं, जिन्हें भरने के लिए जल्द ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी सुचारू रूप से मिल सकेगा।
पंचायत समिति की बैठक में 10 नए केंद्रों को मिली मंजूरी
सोमवार को आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक में क्षेत्र की विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान विभिन्न पंचायतों में जनसंख्या के बढ़ते दबाव को देखते हुए 10 नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इन नए केंद्रों की स्थापना के बाद संबंधित क्षेत्रों में सेविका और सहायिका की नई नियुक्तियां की जाएंगी। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस विस्तार से सुदूर इलाकों में रहने वाली महिलाओं और बच्चों तक प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान हो जाएगी।
रिक्त पदों का विवरण: 16 सेविका और 36 सहायिका की होगी बहाली
प्रखंड में आंगनबाड़ी सेवाओं की मजबूती के लिए रिक्तियों का खाका तैयार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, कुल 52 रिक्तियों में से 16 पद आंगनबाड़ी सेविका के हैं, जबकि 36 पद सहायिका के लिए आरक्षित हैं। इन पदों पर चयन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। विभाग का मुख्य लक्ष्य उन केंद्रों को फिर से सक्रिय करना है, जो कर्मचारियों की कमी के कारण सही ढंग से कार्य नहीं कर पा रहे थे। इसके लिए जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।
इन पंचायतों और वार्डों में खुलेंगे नए प्रस्तावित केंद्र
प्रखंड के जिन इलाकों में नए केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं, उनकी सूची तैयार कर ली गई है। इसमें नगर पंचायत परबत्ता का वार्ड 13, लगार का वार्ड 2, खीराडीह का वार्ड 5 और सौढ़ उत्तरी के वार्ड 9 व 6 प्रमुख हैं। इसके अलावा महद्दीपुर पंचायत के वार्ड 1 व 4, पिपरा लतीफ के वार्ड 1, देवरी के वार्ड 7 और कुल्हड़िया पंचायत के वार्ड 8 में भी नए केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों का चयन पूरी तरह से जनसंख्या के आधार पर किया गया है ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा सके।
स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं में सुधार की बड़ी उम्मीद
आंगनबाड़ी केंद्रों के इस विस्तार और नई भर्तियों से क्षेत्र की सामाजिक और स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। नए केंद्र खुलने से गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, बच्चों के प्रारंभिक शिक्षण और कुपोषण को दूर करने के अभियानों को नई गति मिलेगी। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती और केंद्र निर्माण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस निर्णय से स्थानीय ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इससे उनके बच्चों का भविष्य बेहतर होने की राह प्रशस्त होगी।


