Begusarai News: बिहार के बेगूसराय जिले में शिक्षा व्यवस्था की एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या 15 (बजलपुरा) में स्थित ‘मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय’ का करोड़ों का भवन सफेद हाथी साबित हो रहा है। छह करोड़ की लागत से बना यह अत्याधुनिक भवन आज पढ़ाई के बजाय पशु चारा उगाने और गोइठा (उपले) सुखाने के काम आ रहा है। संसाधनों से लैस होने के बावजूद अधिकारियों की उदासीनता के कारण यहाँ एक भी छात्र पढ़ने नहीं आता।
2013 में शुरू हुआ था निर्माण, 2017 में हुआ तैयार
इस मॉडल स्कूल की नींव वर्ष 2013 में रखी गई थी। तत्कालीन वार्ड पार्षद सुनीता देवी और उनके पति अरुण सिंह के प्रयासों से बुनियादी विद्यालय की दो एकड़ जमीन पर इसका निर्माण कराया गया। लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च कर साल 2017 में भवन बनकर तैयार हो गया था। इसमें बेंच-डेस्क, कंप्यूटर और प्रयोगशाला के अत्याधुनिक उपकरण भी मंगाए गए थे। लेकिन विडंबना यह है कि आज तक इस स्कूल में पठन-पाठन की शुरुआत नहीं हो सकी है।
अधिकारियों के आदेश के बाद भी नहीं शुरू हुई पढ़ाई
वर्ष 2022 में ग्रामीणों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री विजय चौधरी से मिलकर स्कूल की दयनीय स्थिति की शिकायत की थी। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार ने 13 मई 2022 को जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर स्कूल को तुरंत हैंडओवर करने और कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया था। हालांकि, विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज दो साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और स्कूल अब खंडहर में तब्दील हो रहा है।
छात्रों को जाना पड़ता है दूर, स्कूल में पल रहे पशु
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यदि यह स्कूल चालू होता तो आधारपुर पंचायत और तेघड़ा नगर परिषद के कई वार्डों के छात्र-छात्राओं को दो से तीन किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ता। वर्तमान में स्कूल के खाली परिसर में पशु चारा उपजाया जा रहा है और कमरों में रखे लाखों के उपकरण नष्ट हो रहे हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक गुड्डू कुमार का कहना है कि उन्होंने विभाग को कई बार सूचना दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


