हिमाचल कांग्रेस में मचेगी खलबली! ‘रेड-येलो-ग्रीन’ जोन से तय होगा नेताओं का भविष्य, जानिए अध्यक्ष का नया प्लान

Himachal News: हिमाचल कांग्रेस ने आगामी चुनावों के लिए कमर कस ली है। अध्यक्ष विनय कुमार ने संगठन में बदलाव के संकेत दिए हैं। अब ब्लॉक अध्यक्षों के काम की हर तीन महीने में समीक्षा होगी। अच्छा काम करने वाले नेताओं को विशेष इनाम मिलेगा। शिमला के राजीव भवन में आयोजित एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना और रूठे हुए पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से कांग्रेस के साथ जोड़ना है।

बूथ कमेटियों के गठन पर विशेष जोर

शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिलों के पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं। विनय कुमार ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जरूरत बताई है। इसके लिए जल्द ही बूथ कमेटियों का गठन किया जाएगा और बूथ लेवल एजेंट नियुक्त होंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को साल दो हजार सत्ताईस के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से तैयारी शुरू करने को कहा है। इसके अलावा पंचायत और नगर निकाय चुनावों में भी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की जीत पक्की करने पर पूरा फोकस रखा गया है।

तीन जोन में बंटेगा कांग्रेस का काम

महासचिव विनोद जिंटा ने अनुशासन और समय प्रबंधन को बेहद अहम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निकाय चुनावों में कांग्रेस आधिकारिक तौर पर कोई भी उम्मीदवार नहीं उतारेगी। हालांकि, पार्टी अपनी विचारधारा वाले लोगों का पूरा समर्थन करेगी। ब्लॉक कमेटियों का काम जांचने के लिए प्रदेश को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा। सभी क्षेत्रों में पांच स्तर की नई समितियां बनेंगी। पंद्रह जुलाई तक इस पूरी प्रक्रिया को हर हाल में पूरा करने का सख्त लक्ष्य तय किया गया है।

हर महीने करनी होगी ब्लॉक स्तर की बैठक

पार्टी ने जमीनी स्तर पर संवाद बढ़ाने के लिए नए नियम बनाए हैं। हर महीने एक से दस तारीख के बीच ब्लॉक स्तर की बैठक करना अनिवार्य होगा। ब्लॉक कमेटियों का आकार भी अब सीमित रखा जाएगा। कमेटियों में सिर्फ तय संख्या में उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव शामिल किए जाएंगे। संगठन में बेवजह की भीड़ कम करने और काम में तेजी लाने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है। इस शानदार पहल से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जिम्मेदारी का भाव काफी ज्यादा मजबूत होगा।

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