Middle East News: पश्चिम एशिया में चल रहे भारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि लेबनान में फिलहाल कोई युद्धविराम लागू नहीं हुआ है। इजरायली सेना हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार अपने कड़े प्रहार जारी रखेगी। ईरान के साथ समझौते की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने यह कड़ा संदेश दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि उत्तरी इजरायल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक यह सैन्य अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा।
हिजबुल्लाह पर इजरायली सेना का कड़ा प्रहार जारी रहेगा
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उत्तरी इजरायल के निवासियों की अटूट सहनशक्ति की काफी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों ने लंबे समय से हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों का डटकर सामना किया है। इजरायली सैन्य अभियानों का मुख्य उद्देश्य इन नागरिकों की पूर्ण सुरक्षा को हर हाल में बहाल करना है। नेतन्याहू ने साफ संदेश दिया कि जब तक सीमावर्ती इलाकों के परिवार पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं करते, इजरायल पीछे नहीं हटेगा। सेना पूरे दम के साथ अपना आक्रामक अभियान चलाती रहेगी।
शांति वार्ता के लिए इजरायल ने खोले कूटनीति के रास्ते
लगातार आक्रामक सैन्य रुख अपनाने के बावजूद इजरायल ने कूटनीति का रास्ता भी खुला रखा है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बताया कि इजरायली कैबिनेट ने लेबनान सरकार के साथ सीधी बातचीत को मंजूरी दे दी है। लेबनान सरकार लंबे समय से शांति वार्ता शुरू करने की लगातार अपील कर रही थी। इसके बाद ही इजरायल ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच यह द्विपक्षीय वार्ता अगले सप्ताह वाशिंगटन स्थित अमेरिकी विदेश विभाग के मुख्यालय में शुरू हो सकती है।
नेतन्याहू ने लेबनान के सामने रखी दो बेहद सख्त शर्तें
इजरायल ने इस शांति बातचीत से पहले लेबनान के सामने दो बहुत कड़ी शर्तें रख दी हैं। पहली शर्त के अनुसार ईरान समर्थित हिजबुल्लाह लड़ाकों को पूरी तरह से हथियार डालने होंगे। इजरायल चाहता है कि हिजबुल्लाह का एक सैन्य इकाई के रूप में पूरी तरह अंत हो जाए। दूसरी बड़ी शर्त लेबनान के साथ एक ऐतिहासिक और स्थायी शांति समझौता करना है। नेतन्याहू मानते हैं कि हिजबुल्लाह पर नियंत्रण से दोनों देशों में एक नया स्थिर अध्याय शुरू होगा।
वाशिंगटन में होने वाली प्रस्तावित वार्ता पर टिकी दुनिया की नजरें
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि इजरायल आज सैन्य और कूटनीतिक रूप से बहुत मजबूत है। यह पूरा कड़ा घटनाक्रम बेरूत पर हुए भयंकर इजरायली हमलों के तुरंत बाद सामने आया है। इस युद्ध में पिछला दिन लेबनान के लिए सबसे अधिक विनाशकारी साबित हुआ था। एक तरफ युद्ध के मैदान में लगातार भारी धमाके गूंज रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ वाशिंगटन में होने वाली इस प्रस्तावित शांति वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिक गई हैं।


