Israel News: इजराइल रक्षा बलों (IDF) ने एक अंदरूनी जांच के बाद बड़ी कमियां स्वीकार की हैं। यह जांच वेस्ट बैंक के ‘एरिया A’ में एक गैर-कानूनी चौकी को हटाने के ऑपरेशन के दौरान पत्रकारों के साथ हुए बर्ताव को लेकर की गई थी। IDF ने माना कि उसके जवानों ने तय नियमों का उल्लंघन किया।
जांच में मिली ये बड़ी कमियां
चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ कीअगुवाई में हुई जांच पूरी हो गई है। IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर जांच के नतीजे सार्वजनिक किए। रिपोर्ट में कई कमियां सामने आईं। सैनिकों का बर्ताव नियमों से भटक गया था। साथ ही, तय प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए प्रेस के सदस्यों के साथ अनुचित बातचीत के मामले भी पाए गए।
जांच में यह भी पता चला कि इन कमियों ने संबंधित यूनिट के भीतर अनुशासन और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में साफ तौर पर जमीन पर मौजूद पत्रकारों के साथ बातचीत में अपेक्षित बर्ताव के नियमों का पालन न करने की बात कही गई।
IDF ने लिया यह बड़ा एक्शन
जांच केनतीजों के बाद IDF ने तुरंत सख्त कार्रवाई की। सेना ने उस इलाके में बटालियन की ऑपरेशनल तैनाती को निलंबित कर दिया है। यह फैसला संस्थागत रुख के तहत लिया गया। IDF ने साफ कहा कि वह इस इलाके में प्रेस की आजादी का सम्मान करती है और उसे बढ़ावा देती है। सेना ने इस पूरी घटना पर खेद भी व्यक्त किया है।
सेना प्रमुख ने क्या कहा?
इस मामलेपर चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने इस घटना को गंभीर नैतिक उल्लंघन बताया। जनरल जमीर ने कहा कि यह IDF के मानदंडों और मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने याद दिलाया कि सभी सैनिक भर्ती के समय शपथ लेते हैं कि हथियारों का इस्तेमाल केवल मिशन को पूरा करने के लिए किया जाएगा, न कि कभी बदले के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि IDF अपने रैंकों में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा।
गौरतलब है कि वेस्ट बैंक में अवैध चौकियों को हटाने की कार्रवाई अक्सर बेहद संवेदनशील होती है। इन अभियानों के दौरान पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में सुरक्षा बलों के लिए ‘रूल्स ऑफ एंगेजमेंट’ (नियमों का पालन) और मीडिया के साथ स्पष्ट संचार प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना जरूरी माना जाता है।


