मिडिल ईस्ट में होगा 45 दिनों का सीजफायर? होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलेंगे पंद्रह जहाज, जानें क्या खत्म होगा युद्ध

World News: मध्य पूर्व के भयंकर युद्ध के बीच बड़ी खबर आई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल पंद्रह जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है। अमेरिका और इजरायल के साथ जंग के कारण यह अहम जलमार्ग लगभग बंद है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर समुद्री रास्ता तुरंत नहीं खुला तो ईरान को इसका भयानक अंजाम भुगतना पड़ेगा। खाड़ी क्षेत्र में तनाव अब अपने चरम पर है।

पंद्रह जहाजों को मिली गुजरने की अनुमति

ईरानी मीडिया के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में सिर्फ पंद्रह जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। इन जहाजों ने पहले ईरानी अधिकारियों से अनुमति प्राप्त की थी। युद्ध शुरू होने से पहले इस रास्ते से हर दिन भारी व्यापार होता था। वर्तमान में इस जलमार्ग से समुद्री यातायात नब्बे प्रतिशत तक कम हो गया है। ईरान लगातार दावा कर रहा है कि वह अपने समुद्री क्षेत्रों की कड़ी सुरक्षा कर रहा है।

ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को लेकर एक बहुत आक्रामक पोस्ट किया है। उन्होंने सीधे तौर पर ईरान के बिजली संयंत्रों और प्रमुख पुलों को नष्ट करने की धमकी दी है। ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात आठ बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला तो मंगलवार का दिन उसके लिए तबाही का दिन होगा। अमेरिका अब ईरान पर बड़े हमले करने की योजना बना रहा है।

ईरान ने किया ट्रंप की धमकी का पलटवार

ईरान ने ट्रंप की इन धमकियों का बहुत ही कड़ा जवाब दिया है। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी मेहदी तबातबाई ने ट्रंप के बयानों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ट्रंप हताशा और गुस्से में आकर निराधार बातें कर रहे हैं। अधिकारी ने अमेरिका पर इस पूरे क्षेत्र में युद्ध भड़काने का सीधा आरोप लगाया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी अमेरिकी सैन्य धमकी से बिल्कुल भी डरने वाला नहीं है।

जलमार्ग खोलने के लिए ईरान ने रखी शर्त

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के लिए एक बड़ी शर्त रख दी है। ईरानी सरकार का कहना है कि युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई होनी चाहिए। जब तक ट्रांजिट राजस्व से इस नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता तब तक रास्ता बंद रहेगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल के जहाजों के लिए यह रास्ता कभी नहीं खुलेगा। ईरानी नौसेना ने इस अहम समुद्री मार्ग पर अपना कड़ा पहरा लगातार लगा रखा है।

दुनिया भर के चालीस देशों ने बनाया दबाव

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। हाल ही में चालीस से अधिक देशों ने इस बड़े संकट पर एक विशेष बैठक की है। इन सभी देशों ने ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने का साझा फैसला किया है। वे चाहते हैं कि बिना किसी रोकटोक के जहाजों को शांति से गुजरने दिया जाए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस गंभीर मसले को सुलझाने के लिए लगातार बीच-बचाव करने का बहुत कड़ा प्रयास कर रहा है।

फरवरी से चल रहा है भीषण महायुद्ध

अमेरिका और इजरायल ने अट्ठाईस फरवरी को ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया था। इस संयुक्त हमले के बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार भीषण युद्ध जारी है। इस युद्ध में अब तक तेरह सौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। ईरान भी अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर अपने ड्रोन और मिसाइलें दाग रहा है। इस महायुद्ध ने पूरे मध्य पूर्व को एक भयानक और विनाशकारी आग में पूरी तरह से झोंक दिया है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडरा रहा भारी संकट

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कच्चे तेल की आपूर्ति का सबसे मुख्य मार्ग है। इस रास्ते के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ सकती हैं। दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों में इस समय भारी डर और अनिश्चितता का माहौल है। माल ढुलाई और बीमा की लागत लगातार आसमान छू रही है। अगर यह गतिरोध जल्द खत्म नहीं हुआ तो गरीब और विकासशील देशों में भारी महंगाई और भयानक आर्थिक संकट आ जाएगा।

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