Nepal News: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में आज एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के लोकप्रिय नेता बालेंद्र शाह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही वे नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत उन्हें इस पद पर नियुक्त किया। शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति कार्यालय में दोपहर 12:34 बजे भव्य तरीके से आयोजित हुआ।
ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता संभाली
बालेन शाह कीपार्टी आरएसपी ने 5 मार्च को हुए संसदीय चुनावों में 275 में से 182 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। पूर्वी नेपाल के झापा-5 सीट से बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराया। शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली को सिर्फ 18,734 वोट। यह 1991 के बाद नेपाल के किसी संसदीय चुनाव में किसी उम्मीदवार को मिलने वाला सबसे ज्यादा वोट है।
धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हुआ शपथ ग्रहण
बालेन शाह काशपथ ग्रहण समारोह बेहद खास रहा। स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:34 बजे हुए इस समारोह में हिंदू और बौद्ध परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला। सात शंख वादकों ने ‘शंखनाद’ किया, जबकि 108 वैदिक बटुकों ने स्वस्ति वाचन और 16 बौद्ध भिक्षुओं ने अष्टमंगल पाठ कर नए कार्यकाल की मंगल कामना की। स्ट्रक्चरल इंजीनियर से राजनेता बने बालेन शाह मधेस क्षेत्र से आने वाले नेपाल के पहले प्रधानमंत्री हैं।
युवाओं की उम्मीदों का ‘बालेन’ युग
पिछलेसाल नेपाल में हुए भ्रष्टाचार विरोधी ‘जेन-जी’ (Gen-Z) आंदोलनों के बाद यह पहला आम चुनाव था। बालेन शाह ने अपनी जीत के बाद एक रैप सॉन्ग ‘जय महाकाली’ जारी कर एकता का संदेश दिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त शासन, रोजगार के अवसर और सुशासन को अपनी प्राथमिकता बताया है। सूत्रों के अनुसार, बालेन शाह जल्द ही 15-18 सदस्यों वाली एक छोटी और कार्यकुशल कैबिनेट का गठन करेंगे। फिलहाल नेपाल में नए प्रधानमंत्री के कार्यकाल को लेकर जनता में उत्साह का माहौल है।


