Iran News: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उनकी नेवी और एयरस्पेस फोर्स ने संयुक्त मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन के जरिए आठ प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया है। इस कार्रवाई ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को और बढ़ा दिया है।
हमले में कुवैत स्थित अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन में अमेरिका के पांचवें बेड़े का मुख्यालय मुख्य रूप से शामिल हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई हाल ही में उनके ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के विरोध में की गई है। इस हमले के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
कुवैत और बहरीन में सुरक्षा अलर्ट जारी
कुवैत की सेना ने अपने क्षेत्र पर दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों से हमले की पुष्टि की है। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से सरकारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वहीं बहरीन में हवाई हमले की चेतावनी वाले सायरन लगातार बज रहे हैं। मंत्रालय ने निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिकी सेना की आक्रामकता का परिणाम है। इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के कई सैन्य निगरानी इंफ्रास्ट्रक्चर, संचार प्रणालियों और वायु रक्षा साइटों को निशाना बनाया था। अमेरिका के एक रक्षा अधिकारी के मुताबिक, ये हमले कमर्शियल जहाजों पर ईरान की लगातार आक्रामकता और ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए थे।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी ईरान के सिरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। युद्धविराम के उल्लंघन को ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के खिलाफ बताया है। इस गंभीर स्थिति के बाद राजनयिक प्रक्रियाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। विश्व समुदाय इस संघर्ष को लेकर बेहद चिंतित है और स्थिति पर निरंतर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।

