हरियाणा में 48 घंटे के भीतर मानसून की दस्तक संभव, 15 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का ‘यलो अलर्ट’

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Chandigarh News: हरियाणा के लोगों के लिए भीषण गर्मी से राहत की बड़ी खबर है। राज्य में अगले 48 घंटे के भीतर मानसून दस्तक दे सकता है। मंगलवार देर रात हिसार और पानीपत समेत कई इलाकों में मानसूनी फुहारें पड़ी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 6 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की भी संभावना जताई गई है, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को तपती गर्मी से निजात मिलेगी। इससे पहले मंगलवार को अंबाला और यमुनानगर में प्री-मानसून वर्षा दर्ज की गई, जबकि हिसार सहित कुछ जिलों में पारा 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए सूबे के 15 जिलों में बारिश का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, जींद, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल शामिल हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

अलनीनो और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) के बीच खींचतान, अगले 6 सप्ताह बेहद निर्णायक

इस साल भारतीय मानसून की रफ्तार प्रशांत और हिंद महासागर में सक्रिय दो बड़ी मौसमी प्रणालियों की आपसी खींचतान पर निर्भर कर रही है। जहां एक तरफ प्रशांत महासागर में विकसित हो रही ‘अलनीनो’ की स्थिति बारिश को कमजोर करने का संकेत दे रही है, वहीं हिंद महासागर में ‘इंडियन ओशन डाइपोल’ (IOD) इसके असर को बेअसर करने में जुटा है।

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि यदि जुलाई और अगस्त के दौरान आईओडी पॉजिटिव (सकारात्मक) रहता है, तो यह अलनीनो के नकारात्मक प्रभाव को पूरी तरह खत्म कर देगा। यही वजह है कि आगामी चार से छह सप्ताह पूरे देश और उत्तर भारत के मानसून के लिहाज से सबसे ज्यादा निर्णायक माने जा रहे हैं।

मानसून को केरल पहुंचे करीब एक महीने का समय बीत चुका है, लेकिन देश के कई राज्यों में अब भी सूखे जैसे हालात हैं। जून महीने में कम बारिश होने के चलते खरीफ फसलों की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार बुवाई का कुल रकबा लगभग 23 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है, जिससे किसान चिंतित हैं।

पंजाब पर बन रहा साइक्लोनिक सर्कुलेशन, बढ़ेगी वातावरण में नमी

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के मुताबिक, मानसून ट्रफ की उत्तरी सीमा इस समय सूरत, इंदौर, सागर, अयोध्या, बरेली, देहरादून और मंडी तक पहुंच चुकी है, जो हरियाणा की तरफ बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल है।

उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही पड़ोसी राज्य पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त मानसूनी हवाएं बहुत तेजी से हरियाणा में प्रवेश करेंगी।

इसके असर से आगामी 2 से 6 जुलाई के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां काफी तेज हो जाएंगी। हालांकि, लगातार बारिश के कारण तापमान तो गिरेगा लेकिन हवा में नमी बढ़ने से उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को अपनी फसलों को लेकर ताजा मौसम चेतावनियों के आधार पर ही कृषि कार्य करने की सलाह दी है।

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