यूपी में मानसून की धमाकेदार एंट्री, 60 जिलों में झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, बरेली में सबसे ज्यादा बरसात

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के लिए राहत की बड़ी खबर है। राज्य में भीषण गर्मी और उमस के बाद आखिरकार मानसून का लंबा इंतजार पूरी तरह खत्म हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के 60 जिलों में हुई झमाझम मानसूनी बारिश के कारण दिन के तापमान में आठ डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

तराई के इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने जहां आम जनता को चिलचिलाती गर्मी से निजात दिलाई है, वहीं दूसरी तरफ खरीफ फसलों की बुवाई के लिए किसानों की उम्मीदें भी दोबारा जगा दी हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान पूरे राज्य में बहुत अच्छी बरसात होने के आसार बने हुए हैं।

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आधिकारिक मौसम बुलेटिन के मुताबिक, मंगलवार को यूपी के बरेली जिले में सबसे ज्यादा 157 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा बुंदेलखंड के ललितपुर में भी 106 मिलीमीटर पानी बरसा है। वहीं लखीमपुर खीरी, अयोध्या, गोंडा और अंबेडकर नगर समेत आसपास के तमाम इलाकों में मध्यम से भारी बरसात दर्ज हुई है।

मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर मानसून के पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पूरी तरह सक्रिय होने का अनुमान जताया है। बुधवार और गुरुवार को राजधानी लखनऊ व आसपास के क्षेत्रों में तेज आंधी-हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी यूपी में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है।

जून के महीने में सूखा रहा उत्तर प्रदेश, सामान्य से 54 फीसदी कम बरसे बादल

मौसम विभाग की ओर से जारी जून महीने के अंतिम आंकड़ों ने सरकार और किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। जून में पूरे उत्तर प्रदेश के भीतर सामान्य से करीब 54 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस मानसूनी बेरुखी के कारण राज्य के कई हिस्सों में जून के अंत तक सूखे जैसे हालात पैदा होने लगे थे।

विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में सामान्य के मुकाबले 58 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में 47 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। जून में बारिश न होने से धान की नर्सरी और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा था, जिसे अब जुलाई की शुरुआत में बड़ी संजीवनी मिली है।

उरई रहा राज्य का सबसे गर्म शहर, बांदा और लखनऊ में मौसम हुआ सुहाना

मंगलवार को जहां राज्य के 60 जिलों में बदरा जमकर बरसे, वहीं कुछ मैदानी इलाकों में सूरज के तीखे तेवर भी बरकरार रहे। करीब 41 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ उरई जिला पूरे प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रिकॉर्ड किया गया। यहां के लोगों को अभी मानसून की फुहारों का इंतजार है।

इसके विपरीत, इस साल गर्मी के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने वाले बांदा जिले में अच्छी वर्षा होने से दिन का पारा लुढ़क कर सीधे 34 डिग्री सेल्सियस के सुखद स्तर पर पहुंच गया। इससे बुंदेलखंड के इस सबसे तपते इलाके के नागरिकों ने राहत की सांस ली है और मौसम पूरी तरह सुहाना हो गया है।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी बादलों की आवाजाही और बौछारों के कारण दिन के पारे में करीब 7.5 डिग्री सेल्सियस की शानदार गिरावट दर्ज की गई है। नवाबों के शहर लखनऊ में मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे उमस से भारी राहत मिली।

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