कांगड़ा में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी, जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी की जारी

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Kangra News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मौसम विभाग की नई चेतावनी के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने खराब मौसम की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों से विशेष एहतियात बरतने की पुरजोर अपील की है।

मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार एक, दो और चार जुलाई को जिले के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने सभी को नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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तीन और पांच जुलाई के लिए मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी तीन और पांच जुलाई को लेकर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस समय अवधि के दौरान क्षेत्र में आकाशीय बिजली चमकने, मूसलाधार बारिश होने, ओलावृष्टि और अत्यधिक तेज रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की गंभीर आशंका जताई गई है।

प्रशासन ने इस बेहद खराब मौसम के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी रास्तों पर दृश्यता कम हो सकती है। इसके साथ ही अचानक चट्टानें गिरने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है, जिससे वाहन दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

पर्यटकों के लिए ट्रैकिंग और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने पर रोक

जिला प्रशासन ने कांगड़ा आने वाले बाहरी राज्यों के पर्यटकों के लिए भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सैलानियों को इस दौरान ट्रैकिंग रूट और अन्य जोखिम भरे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पूरी तरह मना किया गया है। उन्हें स्थानीय गाइडों की बात मानने को कहा है।

पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। लैंडस्लाइड के प्रति संवेदनशील संवेदनशील इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस विभाग को भी इन खतरनाक पर्यटन स्थलों पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।

मानसून में अचानक बढ़ सकता है नदी-नालों का जलस्तर

उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि मानसून के सक्रिय होने से नदी-नालों और स्थानीय खड्डों का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए जल स्रोतों के पास जाना जानलेवा साबित हो सकता है।

उन्होंने बताया कि जिला आपदा नियंत्रण कक्ष मौसम विभाग की प्रत्येक सैटेलाइट चेतावनी पर चौबीसों घंटे लगातार अपनी नजर बनाए हुए है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय निकायों के माध्यम से लोगों तक हर जरूरी सूचना तुरंत पहुंचाई जाएगी।

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