हिमाचल प्रदेश में 166 टीजीटी मेडिकल शिक्षकों को मिली सरकारी नौकरी, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए नियुक्ति आदेश

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर सामने आ रही है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने बड़ा कदम उठाते हुए टीजीटी (मेडिकल) के 166 चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षु यानी ट्रेनी आधार पर नियुक्ति के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

शिक्षा निदेशालय ने इन सभी नवनियुक्त शिक्षकों को राज्य के विभिन्न सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों में रिक्त पदों पर तैनाती दे दी है। यह पूरी भर्ती प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर की लिखित संस्तुति और मेरिट लिस्ट के आधार पर संपन्न की गई है।

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चयनित अभ्यर्थियों को दस दिन के भीतर देनी होगी जॉइनिंग

स्कूल शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी नवनियुक्त शिक्षकों के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। सभी चयनित अभ्यर्थियों को हर हाल में 10 दिन के भीतर अपने आवंटित किए गए सरकारी विद्यालयों में जाकर अपना कार्यभार ग्रहण करना होगा।

यदि कोई भी अभ्यर्थी इस निर्धारित समय सीमा के भीतर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसका नियुक्ति प्रस्ताव अपने आप रद्द मान लिया जाएगा। निदेशालय ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं देगा और उस पद को तुरंत खाली घोषित कर दिया जाएगा।

शिक्षकों को मिलेगा 22,860 रुपये प्रति माह फिक्स वेतन

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी शुरुआती नियुक्तियां पूरी तरह से ट्रेनी आधार पर की जा रही हैं। इस शुरुआती अवधि के दौरान सभी चयनित टीजीटी मेडिकल शिक्षकों को हर महीने 22,860 रुपये का एक निश्चित फिक्स वेतन (सैलरी) विभाग द्वारा दिया जाएगा।

इन नवनियुक्त शिक्षकों की प्रारंभिक प्रशिक्षण अवधि मुख्य रूप से एक वर्ष के लिए तय की गई है। इसके बाद शिक्षकों के स्कूल में संतोषजनक कार्य प्रदर्शन और बेहतर रिपोर्ट के आधार पर इस सेवा अवधि को वर्ष-दर-वर्ष आगे के लिए नियमित रूप से बढ़ाया जा सकेगा।

स्कूल प्रिंसिपलों को प्रमाणपत्रों के गहन वेरिफिकेशन के निर्देश

उच्च शिक्षा निदेशालय ने संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को भी सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यभार ग्रहण कराने से ठीक पहले सभी अभ्यर्थियों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता से जुड़े सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाए।

इसके साथ ही शिक्षकों के चरित्र प्रमाण पत्र और आरक्षण संबंधी सभी दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन भी अनिवार्य रूप से करना होगा। विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर इन नवनियुक्त शिक्षकों को कठिन उप-कैडर क्षेत्रों के स्कूलों में भी अपनी सेवाएं देनी होंगी।

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