Himachal Weather Alert: किन्नौर में बादल फटने से काचरंग नाले में आई भयानक बाढ़, शिमला सहित कई जिलों में बारिश का अलर्ट

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Kinnaur News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर में मंगलवार तड़के अचानक बादल फटने की एक गंभीर घटना सामने आई है। इसके चलते स्थानीय काचरंग नाले में भयानक बाढ़ आ गई। राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक हादसे में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

निचार क्षेत्र में सुबह चार बजे फटा बादल

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार किन्नौर के निचार क्षेत्र में सुबह करीब चार बजे अचानक बादल फटा। इसके बाद इलाके में कुछ समय तक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। तेज पानी के बहाव से नाले का जलस्तर अचानक खतरनाक रूप से बढ़ गया था।

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किन्नौर के उपायुक्त अमित शर्मा ने बताया कि इस सैलाब से किसी भी नागरिक या निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि पानी के तेज थपेड़ों के कारण ग्रामीणों के आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह बह गया है।

प्रभावित पैदल रास्तों को बहाल करने में जुटा प्रशासन

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। लोक निर्माण विभाग प्रभावित संपर्क मार्ग को जल्द बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है ताकि ग्रामीणों को राशन और अन्य जरूरी सुविधाएं मिल सकें।

उधर राज्य की प्रशासनिक राजधानी शिमला में भी बुधवार को अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। सुबह करीब साढ़े दस बजे तक आसमान बिल्कुल साफ था। इसके कुछ ही देर बाद घने बादल छा गए और गरज के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई।

तापमान गिरने से लोगों को मिली गर्मी से राहत

इस अचानक हुई बारिश के चलते न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे स्थानीय निवासियों और बाहर से आए पर्यटकों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम केंद्र ने आगामी कुछ घंटों के लिए नया बुलेटिन भी जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों ने शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की वर्षा की संभावना जताई है। वहीं सिरमौर, कांगड़ा, सोलन, कुल्लू और मंडी जिलों में भारी बारिश के साथ तेज अंधड़ और ओलावृष्टि चलने का भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।

नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत

खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सरकार ने सभी को नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले चालकों को मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों का पालन करने को कहा गया है।

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