Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की बाढ़ से निपटने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शहर के निचले इलाकों को सुरक्षित रखने के लिए यमुना किनारे चार किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार आईआईटी दिल्ली से विस्तृत स्टडी कराएगी ताकि भविष्य में कश्मीरी गेट जैसे इलाकों में पानी न भर सके।
आईआईटी दिल्ली करेगा बाढ़ सुरक्षा की स्टडी
दिल्ली के जल मंत्री ने बताया कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए विशेषज्ञ आईआईटी से तकनीकी रिपोर्ट तैयार कराएंगे। विस्तृत स्टडी पूरी होने के बाद अगले साल से दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल, प्रशासन यमुना बाजार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में मौजूद पुरानी सुरक्षा दीवार की मरम्मत करवा रहा है, ताकि आने वाले मॉनसून के दौरान बाढ़ का खतरा कम हो सके।
कश्मीरी गेट के पास स्थित यमुना बाजार इलाका हमेशा बाढ़ की चपेट में रहता है। साल 2023 के दौरान सुरक्षा दीवार होने के बावजूद वहां पानी का स्तर दस फीट तक पहुंच गया था, जिससे स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा था। यह इलाका यमुना का जलस्तर बढ़ते ही सबसे पहले डूब जाता है, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
मजनू का टीला से रेलवे ब्रिज तक निर्माण
सरकार की योजना के मुताबिक मजनू का टीला से पुराने रेलवे ब्रिज तक 4.72 किलोमीटर लंबी दीवार बनाई जाएगी। इस दीवार को अगले साल मॉनसून आने से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह दीवार सिविल लाइन्स और कश्मीरी गेट जैसे रिहायशी इलाकों को बाढ़ के पानी से सुरक्षित सुरक्षा प्रदान करेगी। जॉइंट फ्लड कमिटी ने भी इसे सबसे बेहतरीन समाधान माना है।
प्रशासन इसे बाढ़ की समस्या का एक स्थायी समाधान मान रहा है, लेकिन पर्यावरणविदों ने इस पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीवार बनाने से बाढ़ के मैदानों में पानी का फैलाव रुक सकता है। इससे भूजल के रिचार्ज की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और लंबे समय में पारिस्थितिकी तंत्र यानी इकोसिस्टम को बड़ा नुकसान होने की भी पूरी आशंका बनी हुई है।

