Uttarakhand News: भारतीय खेल जगत और राणा परिवार के लिए यह महीना बेहद दुखद साबित हुआ है। द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध ओलिंपिक कोच जसपाल राणा के निधन के कुछ ही दिनों बाद, उनकी मां श्यामा देवी राणा का भी स्वर्गवास हो गया है। इस दुखद खबर ने पूरे उत्तराखंड और खेल प्रेमियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
बेटे के जन्मदिन पर मां ने त्यागे प्राण
श्यामा देवी राणा करीब 78 वर्ष की थीं और काफी लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उनका इलाज नई दिल्ली स्थित सेना अस्पताल में चल रहा था, जहां रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। इत्तेफाक देखिए कि जिस दिन उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा, उसी दिन उनके दिवंगत बेटे जसपाल राणा का 50वां जन्मदिन था।
बेटे के असमय निधन के गहरे सदमे और अपनी बीमारी के कारण श्यामा देवी की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टरों के हर संभव प्रयास के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। मां के इस आकस्मिक निधन ने पूरे राणा परिवार को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। खेल जगत की तमाम हस्तियां परिवार को सांत्वना दे रही हैं।
जसपाल राणा का हाल ही में हुआ था निधन
याद दिला दें कि इसी महीने 12 जून को भारतीय निशानेबाजी के सितारे जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। जर्मनी के म्यूनिख से लौटते समय उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हुईं, जिसके बाद दिल्ली के अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से उनका देहांत हो गया था। वे पेरिस ओलिंपिक में मनु भाकर के कोच की भूमिका में थे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्यामा देवी राणा के निधन पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और ईश्वर से शोक संतप्त राणा परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। उन्होंने जसपाल राणा और उनकी माताजी के निधन को खेल जगत के लिए बड़ी क्षति बताया।

