टेलीग्राम बैन पर भड़के मालिक पावेल डुरोव, रिलायंस जियो पर लगाया इंटरनेट हाइजैक करने का सनसनीखेज आरोप

Technology News: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के कारण भारत में टेलीग्राम ऐप पर लगे अस्थायी प्रतिबंध से इसके मालिक पावेल डुरोव बेहद नाराज हैं। सरकार के इस कड़े फैसले पर सवाल उठाने के बाद डुरोव ने अब भारत की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने जियो पर कई गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

जियो पर लगा इंटरनेट रूटिंग को डायवर्ट करने का आरोप

पावेल डुरोव का दावा है कि जियो सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी टेलीग्राम यूजर्स के नेटवर्क को ठप कर रहा है। डुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जियो पर इंटरनेट हाइजैक करने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने इस पूरे विवाद को कंपनियों के बीच चल रहा एक बड़ा बिजनेस वॉर करार दिया है।

डुरोव ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि रिलायंस एक गलत तरीके का इस्तेमाल कर रहा है। तकनीकी भाषा में इसे बीजीपी हाइजैकिंग कहा जाता है। यह इंटरनेट का मुख्य रूटिंग सिस्टम होता है, जो डेटा को सही रास्ते पर भेजता है। जियो जानबूझकर इंटरनेट के इन रास्तों को डायवर्ट कर रहा है।

इस गड़बड़ी की वजह से भारत से बाहर के लोग भी टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। डुरोव के अनुसार यह कोई सामान्य तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि जानबूझकर किया जा रहा हमला है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रिलायंस को भेजी गई सभी शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।

मेटा और वॉट्सऐप को फायदा पहुंचाने की रची जा रही साजिश

टेलीग्राम के मालिक ने इस नेटवर्क समस्या के पीछे एक बड़ी व्यापारिक साजिश का अंदेशा जताया है। उनका आरोप है कि जियो में अमेरिकी कंपनी मेटा की बड़ी हिस्सेदारी है। मेटा कंपनी ही वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक की मुख्य मालिक है। इसलिए जियो अपने सहयोगी ब्रांड वॉट्सऐप को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।

डुरोव ने आरोप लगाया कि भारत में टेलीग्राम पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए काम कर रही लॉबी के पीछे भी रिलायंस और वॉट्सऐप का हाथ है। वे टेलीग्राम के बढ़ते मार्केट को रोकना चाहते हैं। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल रिलायंस जियो की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

नीट परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए सरकार ने लगाया बैन

आपको बता दें कि भारत सरकार ने नीट 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा को देखते हुए टेलीग्राम पर यह अस्थायी पाबंदी लगाई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार इस मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल पेपर लीक करने और अवैध सामग्री बांटने के लिए धड़ल्ले से किया जा रहा था।

इस सरकारी बैन पर भी पावेल डुरोव ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रतिबंध से मुख्य दोषियों का कुछ नहीं बिगड़ेगा। पेपर लीक करने वाले अपराधी आसानी से किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो जाएंगे। इस फैसले की असली सजा 15 करोड़ से ज्यादा आम टेलीग्राम यूजर्स को भुगतनी पड़ रही है।

Author: Mohit

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