Tech News: क्या आप भी अपनी सीक्रेट चैट, पर्सनल फोटोज और जरूरी डॉक्यूमेंट्स धड़ल्ले से शेयर करने के लिए WhatsApp या Telegram का इस्तेमाल करते हैं? ऐसा करते समय क्या आपने कभी ये सोचा है कि ये ऐप्स पूरी तरह से सिक्योर हैं या बंद दरवाजों के पीछे कोई और आपके डेटा में ताक-झांक कर रहा है?
अक्सर हम ‘End-to-End Encryption’ जैसे भारी-भरकम शब्दों को देखकर यह मान लेते हैं कि हमारा डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन प्राइवेसी की इस गहरी दुनिया में जो दिखता है, वो हमेशा सच नहीं होता। एक तरफ दुनिया का सबसे पॉपुलर ऐप WhatsApp है, तो दूसरी तरफ फीचर्स का समंदर कहे जाने वाला Telegram।
आइए जानते हैं कि भरोसे के मामले में इन दोनों में से कौन सा ऐप बेस्ट है। आज के समय में दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक WhatsApp है, जिसे साल 2009 में लॉन्च किया गया था। आज इस ऐप का मालिकाना हक दिग्गज टेक कंपनी Meta के पास है।
दुनियाभर में WhatsApp के 2 अरब से अधिक एक्टिव यूजर्स हैं। इसकी मदद से यूजर्स टेक्स्ट मैसेज, वॉयस कॉल, वीडियो कॉल, फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स आसानी से शेयर कर सकते हैं। WhatsApp अपने यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए आए दिन नए सिक्योरिटी फीचर्स और अपडेट्स पेश करता रहता है।
WhatsApp के प्राइवेसी और सुरक्षा फीचर्स क्यों हैं खास?
WhatsApp की सबसे बड़ी खासियत इसका डिफॉल्ट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपकी चैट, कॉल, फोटो और वीडियो केवल आप और रिसीवर ही देख सकते हैं। कंपनी या कोई तीसरा व्यक्ति आपकी चैट की डिटेल को किसी भी स्थिति में नहीं देख सकता है।
इसके अलावा यूजर्स अपने अकाउंट पर अतिरिक्त सुरक्षा के लिए PIN आधारित टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन कर सकते हैं। प्राइवेसी कंट्रोल के जरिए यूजर्स खुद यह तय कर सकते हैं कि उनका Last Seen, Profile Photo और Status कौन देख सकता है। इसमें डिसअपीयरिंग मैसेज और फिंगरप्रिंट लॉक की सुविधा भी मिलती है।
Telegram के एडवांस फीचर्स और क्लाउड आधारित सुरक्षा मॉडल
अब बात करते हैं Telegram के बारे में, जो एक क्लाउड-आधारित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। इसे साल 2013 में पावेल डुरोव द्वारा लॉन्च किया गया था। यह ऐप अपनी सुपरफास्ट स्पीड, एडवांस फीचर्स और बेहतरीन कस्टमाइजेशन के लिए जाना जाता है। इसे Android, iOS और Windows सहित कई प्लेटफॉर्म्स पर चलाया जा सकता है।
Telegram की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपके मैसेज क्लाउड में स्टोर रहते हैं। इससे आप एक साथ कई डिवाइस पर अकाउंट एक्सेस कर सकते हैं। इसमें 2 लाख सदस्यों वाले ग्रुप और चैनल्स बनाए जा सकते हैं। साथ ही इस ऐप पर यूजर्स को 2GB तक की बड़ी फाइल शेयरिंग की सुविधा मिलती है।
सुरक्षा के मामले में Telegram में यूजर्स को एक विशेष ‘Secret Chat’ फीचर मिलता है, जिसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन उपलब्ध होता है। इसमें सेल्फ-डिस्ट्रक्ट मैसेज की सुविधा दी गई है। इसके अलावा ऐप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन, पासकोड, बायोमेट्रिक लॉक और अकाउंट ऑटो-डिलीट करने का बेहतरीन विकल्प भी मौजूद है।
डेटा सुरक्षा की रेस में कौन सा ऐप है सबसे आगे?
अगर डिफॉल्ट सिक्योरिटी की बात करें, तो WhatsApp इस रेस में Telegram से काफी आगे नजर आता है। इसका कारण यह है कि WhatsApp में सभी सामान्य चैट्स और कॉल्स पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले से ही पूरी तरह लागू रहता है, जो आपकी प्राइवेसी को मजबूत बनाता है।
दूसरी ओर, Telegram में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन केवल ‘Secret Chats’ ऑन करने पर ही उपलब्ध होता है। इसकी सामान्य चैट्स क्लाउड पर स्टोर रहती हैं, जिससे मल्टी-डिवाइस एक्सेस आसान हो जाता है, लेकिन सिक्योरिटी मॉडल WhatsApp से थोड़ा कमजोर हो जाता है। हालांकि Telegram फीचर्स और बड़े ग्रुप्स के मामले में कहीं ज्यादा विकल्प देता है।
Author: Mohit

