Uttarakhand News: अंतरराष्ट्रीय तनाव और संभावित गैस संकट के बीच उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 शुरू होने वाली है। प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती है। हर बार की तरह इस बार भी चारधाम यात्रा के लिए लाखों एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत होगी। गैस किल्लत के बीच 20 लाख सिलेंडर जुटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है।
यात्रा के लिए 20 लाख सिलेंडरों की डिमांड
चारधाम यात्राप्रशासन संगठन के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) प्रजापति नौटियाल ने बताया कि आगामी यात्रा के लिए करीब 20 लाख कमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत होगी। इनका उपयोग होटल, रेस्तरां और सड़क किनारे ढाबों में किया जाएगा। पिछले वर्ष यात्रा में लगभग 16.4 लाख सिलेंडरों का उपयोग हुआ था। इस साल बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने 20 लाख सिलेंडरों की व्यवस्था के लिए सरकार को रिपोर्ट भेज दी है।
पिछले वर्ष के आंकड़ों का किया विश्लेषण
नौटियाल नेकहा कि वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। पर्यटन सचिव के निर्देश पर जिलों से वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा के मई और जून में उपयोग किए गए सिलेंडरों का डेटा मांगा गया था। डेटा प्राप्त होने के बाद विश्लेषण किया गया। पिछले साल यात्रा के पहले दो महीनों में 16,41,149 कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई थी। इस साल यह संख्या बढ़कर 20 लाख तक पहुंच सकती है।
कब खुलेंगे चारधाम के कपाट?
उत्तराखंड मेंचारधाम यात्रा 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ शुरू होगी। श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इस सीजन में लाखों श्रद्धालुओं के यात्रा पर आने की उम्मीद है। चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक है। यह यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, फिर केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ पर समाप्त होती है। उत्तराखंड सरकार के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।


