Uttar Pradesh News: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक स्कैनिंग सेंटर को सेवा में गंभीर कमी का दोषी पाया है। अदालत ने गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट जारी करने के मामले में पीड़ित ग्राहक के हक में बड़ा फैसला सुनाया। आयोग ने डायग्नोस्टिक सेंटर पर हर्जाना लगाते हुए फीस को ब्याज समेत वापस करने का कड़ा आदेश दिया है।
लापरवाही पर भड़का उपभोक्ता आयोग
झूंसी निवासी ख्वाजा शमशाद अहमद ने अपनी पत्नी राबिया के इलाज के लिए लाउदर रोड स्थित कृति स्कैनिंग प्राइवेट लिमिटेड में जांच कराई थी। इसके लिए उन्होंने 1500 रुपये जमा किए थे। रिपोर्ट मिलने पर डॉक्टर हैरान रह गए क्योंकि उसमें गालब्लैडर में 15 सेंटीमीटर की बेहद अजीब और असंभव पथरी दिखाई गई थी।
डॉक्टर के संदेह जताने पर पीड़ित ने दूसरे केंद्र से दोबारा जांच करवाई तो सच सामने आया। दूसरी जगह की रिपोर्ट बिल्कुल सामान्य आई। शिकायत करने पर स्कैनिंग सेंटर के कर्मचारियों ने गलती सुधारने के बजाय रिपोर्ट पर पेन चलाकर आकार बदलने की कोशिश की। उन्होंने न तो माफी मांगी और न ही पैसे लौटाए।
अदालत ने लगाया तगड़ा जुर्माना
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम और सदस्य सरला ने सबूतों की गहन जांच की। विपक्षी सेंटर की तरफ से कोई उचित जवाब न मिलने पर कोर्ट ने एकपक्षीय कार्रवाई की। पीठ ने माना कि रिपोर्ट बनाने में बड़ी लापरवाही हुई जो सीधे तौर पर सेवा में कमी है।
आयोग ने आदेश दिया कि स्कैनिंग सेंटर दो महीने के भीतर पीड़ित को 1500 रुपये की पूरी फीस आठ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ वापस करे। इसके साथ ही पीड़ित को हुई मानसिक और आर्थिक परेशानी के लिए 1000 रुपये का मुआवजा और केस खर्च के रूप में 500 रुपये देने का निर्देश दिया।
Author: Ajay Mishra


