कागजों पर फिट दिखाकर सड़कों पर उतारी जा रही हैं खटारा रोडवेज बसें, बीच रास्ते में धोखा खाने से यात्री बेहाल

Delhi News: दिल्ली में परिवहन विभाग के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। एक तरफ रोडवेज बसों को आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई सरकारी बसें सड़क पर उतरते ही लगातार जवाब दे रही हैं।

इस गंभीर लापरवाही की आंतरिक जांच कराई गई तो चौकाने वाले खुलासे हुए। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर तकनीकी और परिचालन संबंधी खामियां सामने आई हैं। इससे परिवहन विभाग के मुस्तैदी के दावों की पूरी पोल खुलकर सबके सामने आ गई है।

राजधानी के तीन मुख्य बस स्टैंडों से रोजाना करीब 600 सरकारी बसों का संचालन होता है। इन बसों में हर दिन हजारों यात्री अपनी मंजिलों के लिए सफर करते हैं। नियम के मुताबिक डिपो से निकलने से पहले हर बस की गहन तकनीकी जांच जरूरी है।

बीच रास्ते में बंद हो रहे एसी और इंजन

जांच टीम सभी तय बिन्दुओं पर परख करने के बाद ही बस को फिट घोषित करती है। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारी दस्तावेज पर बकायदा हस्ताक्षर करते हैं। लेकिन वर्तमान में सबसे ज्यादा शिकायतें राजधानी क्षेत्र से चलने वाली एसी बसों में मिल रही हैं।

यात्रियों ने शिकायत की है कि ये बसें दिल्ली सीमा से बाहर निकलते ही बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं। कभी अचानक इनका चलते-चलते इंजन बंद हो जाता है, तो कभी भीषण गर्मी में इनका एसी काम करना पूरी तरह बंद कर देता है।

सड़क पर बस खराब होने से मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जब इस पूरे मामले की आंतरिक जांच की गई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। बसों में डिपो के अंदर पहले से ही कई बड़ी तकनीकी खामियां मौजूद थीं।

लापरवाह निजी कंपनी पर लगेगा भारी जुर्माना

जिम्मेदार कर्मचारियों ने इन खराब वाहनों को कागजों पर जबरन फिट दिखाया और सड़क पर दौड़ने के लिए हरी झंडी दे दी। सूत्रों के अनुसार इन बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही निजी कंपनी की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।

परिवहन विभाग अब इस बात की बारीकी से समीक्षा कर रहा है कि कहीं निजी कंपनी ने अनुबंध की शर्तों का सीधे तौर पर उल्लंघन तो नहीं किया है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो दोषी कंपनी पर भारी जुर्माना ठोका जाएगा।

डिपो से बसों के बाहर निकलने से पहले सभी सुरक्षा मानकों को अनिवार्य रूप से पूरा करना होता है। कई बसों में सुरक्षा मानक अधूरे मिले, जिसकी वजह से ये बीच राह खराब हुईं। विभाग इस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रहा है।

Author: Gaurav Malhotra

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