Uttar Pradesh News: महंगाई की चौतरफा मार झेल रहे आम उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। जून महीने के बिजली बिल में अब सीधे दस फीसदी का अतिरिक्त सरचार्ज जोड़कर भेजा जाएगा।
बिजली विभाग के इस नए फैसले ने मध्यमवर्गीय परिवारों की धड़कनें तेज कर दी हैं। शहर में पहले से ही पेट्रोल, सीएनजी और रोजमर्रा के सामानों की बढ़ती कीमतों से लोग बेहद परेशान चल रहे हैं।
ऐसे मुश्किल समय में यह अतिरिक्त बिजली शुल्क लोगों के घरेलू बजट को पूरी तरह से बिगाड़ सकता है। खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की जा रही है जब बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बदहाल है।
अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग से लोग बेहाल
शहर के कई रिहायशी इलाकों में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की गंभीर समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। भीषण गर्मी के मौसम में लो वोल्टेज की वजह से लोगों के उपकरण काम नहीं कर रहे हैं।
इन्हीं बुनियादी दिक्कतों के कारण अब आम जनता के बीच इस नए फैसले को लेकर तीखा विरोध शुरू हो गया है। सरचार्ज की अधिकारिक खबर मिलते ही कई परिवार अपने मासिक खर्चों का नया गणित लगाने में जुट गए हैं।
इस झुलसाने वाली गर्मी में घरों के भीतर कूलर, एसी और पंखों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसके कारण सामान्य बिजली बिल पहले से ही काफी भारी-भरकम आता है। अब अतिरिक्त सरचार्ज से मुसीबत और बढ़ेगी।
मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा सीधे अतिरिक्त आर्थिक बोझ
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे पहले से ही बच्चों की महंगी स्कूल फीस और मकान के किराए का भारी दबाव झेल रहे हैं। ऐसे में बिजली की यह नई दरें सीधे उनकी थाली का बजट प्रभावित करेंगी।
बिजली सप्लाई से जुड़ी तकनीकी खामियां अभी तक पूरी तरह से खत्म नहीं हो सकी हैं। शहर के उपभोक्ताओं का कहना है कि लोकल फॉल्ट होने पर बिजली कर्मचारियों को बुलाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में अतिरिक्त सरचार्ज वसूलने से पहले बिजली विभाग को अपनी पुरानी लचर व्यवस्था में तुरंत सुधार करना चाहिए। उपभोक्ताओं का मानना है कि अतिरिक्त राशि लेने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता भी सुधरनी चाहिए।
आखिर क्या होता है यह नया फ्यूल सरचार्ज
बिजली बिल में जुड़ने वाला यह फ्यूल सरचार्ज दरअसल बिजली के सामान्य बिल के ऊपर लिया जाने वाला एक अतिरिक्त टैक्स है। इसे आसान भाषा में एफपीपीए शुल्क भी कहा जाता है।
जब बिजली कंपनियों को उत्पादन या बाहर से बिजली खरीदने में अधिक रकम खर्च करनी पड़ती है, तो उसकी भरपाई उपभोक्ताओं से की जाती है। इसी अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा आम लोगों के बिल में जोड़ा जाता है।
मिसाल के तौर पर यदि किसी सामान्य उपभोक्ता का बिजली बिल एक हजार रुपये आता है, तो दस फीसदी फ्यूल सरचार्ज जुड़ने के बाद उसे अब ग्यारह सौ रुपये का भुगतान करना पड़ सकता है।
जनता को अब अपने अगले बिजली बिल का इंतजार
फिलहाल संगम नगरी प्रयागराज के सभी उपभोक्ताओं की नजरें अपने अगले महीने आने वाले बिजली बिल पर पूरी तरह टिक गई हैं। लोग यह देखना चाहते हैं कि इस नए सरचार्ज का वास्तविक असर कितनी बड़ी चपत लगाएगा।
स्थानीय निवासी शिवम पांडेय ने बताया कि ईंधन के बाद अब बिजली बिल में बढ़ोतरी से महीने का बजट संभालना नामुमकिन हो गया है। हमारी सबसे बड़ी चिंता अब बढ़ती महंगाई और घटती बचत बन चुकी है।
वहीं सुशील सिंह और सईद हुसैन का कहना है कि नियमित बिल भरने के बावजूद हमें सुचारू बिजली नहीं मिल रही है। यदि सरकार हमसे अतिरिक्त पैसा ले रही है तो सुविधाओं में भी सुधार दिखना चाहिए।
Author: Ajay Mishra

