Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्वाट टीम ने एक लाख रुपये के इनामी और शातिर अपराधी भानु प्रताप दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। वह हत्या, लूट और रंगदारी जैसे कई संगीन मामलों में 12 साल से फरार चल रहा था।
पुलिस ने शनिवार को उसे लालगंज के धधुआ गाजन नहर के पास घेराबंदी करके दबोचा। संगियापुर लालगंज निवासी भानु प्रताप दुबे जिले में दहशत का दूसरा नाम बन चुका था। वह लगातार अपराध करके कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहा था।
प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि भानु एक पेशेवर अपराधी है। पुलिस ने उसके खिलाफ कोतवाली लालगंज, सांगीपुर और जीआरपी समेत विभिन्न थानों में गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 19 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज पाए हैं।
ट्रेन में दो सिपाहियों की हत्या करके हुआ था फरार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार साल 2007 में लखनऊ जेल से पेशी पर लाते समय भानु ने दुस्साहसिक वारदात की थी। ताला खजुरी स्टेशन के पास उसने दो सिपाहियों की निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद वह अपने साथी के साथ ट्रेन से कूदकर भाग गया था।
पुलिस ने दो साल बाद उसे दोबारा पकड़कर जेल भेजा था। लेकिन साल 2014 में वह नगर कोतवाली पुलिस की कस्टडी से फिर भाग निकला। जब पुलिस उसे कचहरी लेकर पहुंची, तब वह सुरक्षाकर्मियों को जोरदार धक्का देकर रफूचक्कर हो गया था।
इस फरारी में उसके गिरोह के शूटर राहुल ने उसकी पूरी मदद की थी। राहुल अपनी तेज रफ्तार बाइक पर बैठाकर उसे भगा ले गया था। इसके बाद भानु कुछ महीनों तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जंगलों में छिपकर पुलिस को छकाता रहा।
सूरत में नाम बदलकर चला रहा था ट्रक
कई राज्यों में शरण लेने के बाद भानु ने गुजरात के सूरत को अपना नया ठिकाना बनाया। वहां वह किमावती कॉम्प्लेक्स में नाम और पता बदलकर रहने लगा। उसने पहचान छिपाने के लिए वहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशन कार्ड बनवाया।
इतना ही नहीं, उसने सूरत के पते पर अपना फर्जी वोटर आईडी कार्ड भी तैयार करवा लिया था। उसने एक सहयोगी की मदद से साल 2020 में फर्रुखाबाद के पते पर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया। इसके बाद वह वहां पहचान छिपाकर ट्रक चलाने लगा।
पुलिस अपराधियों के डिजिटल सत्यापन के लिए विशेष ‘यक्ष एप’ चला रही है। इस अभियान के तहत पुलिस टीम जब उसके पैतृक घर पहुंची, तब उसके बारे में पुख्ता सुराग मिले। स्वाट टीम प्रभारी अमित कुमार चौरसिया ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
Author: Raj Thakur

