Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह उर्फ राजा ने शुक्रवार को अपनी धार्मिक यात्रा का आगाज किया। उन्होंने जैदपुरा गांव के सूर्योदय मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा की। इसके साथ ही उन्होंने प्रसिद्ध ब्रज 84 कोस परिक्रमा यात्रा की शुरुआत की। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबियों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
जैदपुरा गांव में ग्रामीणों ने पटका पहनाकर किया भव्य स्वागत
धार्मिक यात्रा के शुभारंभ पर जैदपुरा गांव में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। गांव के प्रमुख चौराहों और रास्तों पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने पटका पहनाकर मुख्य अतिथि अभिषेक सिंह का नागरिक अभिनंदन किया। ग्राम प्रधान योगेश के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। गांव के बुजुर्गों ने उन्हें यात्रा की सफलता और मंगलमय भविष्य के लिए अपना विशेष आशीर्वाद देकर रवाना किया।
श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे अभिषेक सिंह, व्यासपीठ का लिया आशीर्वाद
अपनी परिक्रमा यात्रा के दौरान अभिषेक सिंह गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंडाल में भी पहुंचे। उन्होंने वहां व्यासपीठ के दर्शन किए और कथा व्यास से परम आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने भागवत महापुराण की आरती भी उतारी। कथा पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इस दौरान भक्तिमय भजनों का आनंद लिया और पूरा माहौल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कथा व्यास ने बताया ब्रज 84 कोस परिक्रमा यात्रा का धार्मिक महत्व
धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए भागवत आचार्य ने ब्रज 84 कोस परिक्रमा की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सनातन धर्म की सबसे महत्वपूर्ण और पावन तीर्थ यात्राओं में से एक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह परिक्रमा श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलास्थलियों के दर्शन कराती है। इसके माध्यम से भक्तों को परम आध्यात्मिक शांति, मानसिक संतोष और महान पुण्यों की प्राप्ति होती है।
देश-विदेश से आते हैं लाखों श्रद्धालु, आस्था और सेवा का है संगम
इस पावन अवसर पर अभिषेक सिंह ने मीडिया और उपस्थित जनसमूह से अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि ब्रज मंडल की सांस्कृतिक और अनमोल धार्मिक विरासत पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यही कारण है कि देश-विदेश से हर साल लाखों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा, अटूट विश्वास और भक्ति भाव के साथ इस यात्रा में शामिल होते हैं। यह यात्रा वास्तव में भारतीय संस्कृति में आस्था, निस्वार्थ सेवा और समर्पण का सबसे बड़ा प्रतीक है।
क्षेत्र की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए की गई विशेष प्रार्थना
धार्मिक अनुष्ठान के इस पावन मौके पर जैदपुरा और आसपास के इलाकों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ ही क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक भी इस ऐतिहासिक यात्रा के गवाह बने। सभी उपस्थित लोगों ने अभिषेक सिंह को यात्रा की पूर्ण सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही मंदिर परिसर में पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और चौमुखी उन्नति के लिए भगवान से विशेष प्रार्थना की गई।


