West Bengal News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कोलकाता के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। वह बंगाल के स्थापना दिवस और 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पीएम मोदी हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित ‘बंगाल दिवस’ समारोह से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे।
नई भाजपा सरकार पहली बार मना रही ‘बंगाल दिवस’
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बनी नई भाजपा सरकार पहली बार 20 जून को आधिकारिक तौर पर राज्य का स्थापना दिवस मनाने जा रही है। इससे पहले की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार बीते कुछ वर्षों से बांग्ला नववर्ष यानी पोइला बैशाख के दिन 14 या 15 अप्रैल को यह दिवस मनाती आ रही थी।
प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक अवसर पर जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनकी 125 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमि पूजन करेंगे। इसके साथ ही वह तारकेश्वर से रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य और पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।
9.44 करोड़ किसानों के खातों में जाएगी सम्मान निधि
इस मेगा कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भी आधिकारिक तौर पर जारी करेंगे। इसके तहत देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में कुल 18,880 करोड़ रुपये की भारी रकम सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इसमें अकेले बंगाल के 45 लाख किसानों को 900 करोड़ रुपये से ज्यादा मिलेंगे।
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का भी शुभारंभ इस मंच से किया जाएगा। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के शुरू होने से देशभर के किसानों की आय और तकनीकी पहुंच में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
21 जून को रेड रोड पर 35 हजार लोगों के साथ योग
दौरे के दूसरे दिन यानी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पीएम मोदी कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ करीब 35,000 लोग एक साथ सामूहिक रूप से योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास करेंगे।
उसी दिन रक्षा क्षेत्र को सशक्त करते हुए प्रधानमंत्री कोलकाता में गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा स्वदेशी तकनीक से निर्मित तीन अत्याधुनिक नौसैनिक युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन युद्धपोतों के नाम आईएनएस दूनागिरि, संशोधक और आईएनएस अग्रे हैं, जो भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को कई गुना बढ़ाएंगे।
Author: Sourav Banerjee


