Jharkhand News: गिरिडीह में झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को हुई। महासंघ भवन में आयोजित इस बैठक में सेविकाओं और सहायिकाओं की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कई बड़े प्रस्ताव पास किए गए। कर्मचारियों ने सरकार के सामने अपनी आवाज बुलंद की है।
कर्मचारी संघ ने पूर्व की व्यवस्था के अनुसार पोषाहार मद में सभी सेविकाओं को एडवांस राशि डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने उधारी पोषाहार वितरण पर तुरंत रोक लगाने और बकाया मानदेय का अद्यतन भुगतान करने का कड़ा प्रस्ताव पारित किया।
बैठक में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी पीरटांड के 9 जून 2026 के एक विवादास्पद सरकारी आदेश को निरस्त करने की मांग उठी। कर्मचारियों का कहना है कि यह विभाग द्वारा बनाई गई पुरानी नियमावली का पूरी तरह से उल्लंघन करता है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग
आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने अपनी सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी आवाज उठाई है। संघ ने मांग की है कि उनकी सेवानिवृत्ति की अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाए। इसके साथ ही सरकार उन्हें सम्मानजनक सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में मासिक पेंशन की गारंटी दे।
कर्मचारियों ने विभाग से हर महीने समय पर मानदेय और पोषाहार की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करने का आग्रह किया है। संघ के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान गिरिडीह ग्रामीण संघ की नई कमेटी का पुनर्गठन भी सर्वसम्मति से किया गया। इसमें चंपा देवी को नया अध्यक्ष और बसंती देवी को सचिव चुना गया। शयानी देवी को कोषाध्यक्ष और सुगमी देवी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अतिरिक्त पिंकी देवी को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस प्रांतीय बैठक में मुख्य रूप से वरिष्ठ नेता अशोक कुमार सिंह नयन, देवंती देवी, रेखा मंडल और प्रयाग प्रसाद यादव समेत भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित थीं।
Author: Rohit Mahato

