शौर्य चक्र विजेता मार्कोस मरीन अमित सिंह राणा की कार दुर्घटना में मौत, पूरे देश में पसरा गहरा सन्नाटा

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। भारतीय नौसेना के जांबाज मार्कोस मरीन कमांडो और शौर्य चक्र से सम्मानित अमित सिंह राणा की एक दर्दनाक कार सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई है। पुलिस ने मंगलवार को इस दुखद घटना की पुष्टि की है।

लाहारू में तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी कार

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह भयानक सड़क हादसा कांगड़ा के लाहारू इलाके में हुआ। शहीद अमित सिंह राणा की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर करीब 500 फुट गहरी खाई में जा गिरी। 32 वर्षीय अमित सिंह राणा सोमवार रात करीब 11 बजे ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के पास एक तीखे मोड़ पर गाड़ी से अपना नियंत्रण खो बैठे थे।

अमित सिंह राणा हादसे के वक्त अपने एक करीबी मित्र से मुलाकात कर वापस अपने घर लौट रहे थे। दुर्घटना की तेज आवाज सुनते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने आधी रात को ही अत्यंत दुर्गम परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें गहरी खाई से बाहर निकाला।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

स्थानीय लोग अमित सिंह राणा को तुरंत नजदीकी खांडियन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को उनके पैतृक गांव लाहारू में पूरे सैन्य सम्मान और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान वहां मौजूद हर आंख नम थी।

ज्वालामुखी क्षेत्र के विधायक संजय रत्न ने वीर जवान के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस गहरे दुख की घड़ी में अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस भयंकर हादसे के बाद से अमित सिंह राणा के पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के छक्के छुड़ाने वाले जांबाज मरीन कमांडो

अमित सिंह राणा के परिवार में उनके वृद्ध माता-पिता, पत्नी, एक चार साल का मासूम बेटा और दो बहनें हैं। अमित सिंह राणा अपनी असाधारण वीरता के लिए जाने जाते थे। जम्मू कश्मीर में खतरनाक आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान अदम्य साहस दिखाने के लिए भारत सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।

साल 2018 में ‘ऑपरेशन रक्षक’ के दौरान उन्होंने बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण हालातों में कई खतरनाक सैन्य अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। देश ने अपने एक ऐसे जांबाज मरीन कमांडो को खो दिया है, जिसने हमेशा भारत माता की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाई थी।

Author: Sunita Gupta

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