West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के भीतर छिड़ा अंदरुनी कलह चरम पर पहुंच गया है। हार के बाद पार्टी दोफाड़ होने की कगार पर है। अब संगठन में ‘असली टीएमसी’ होने की जंग आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है।
ममता बनर्जी की पार्टी के कई बागी विधायक अचानक कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंच गए हैं। इन बागी विधायकों के इस कदम से राज्य के सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है। बागी गुट के नेता विधानसभा अध्यक्ष रथिन घोष से मुलाकात करने पहुंचे हैं।
यह बागी गुट स्पीकर रथिन घोष को नेता प्रतिपक्ष के चुनाव के संबंध में एक महत्वपूर्ण पत्र सौंपेगा। बागी विधायक इस पत्र के माध्यम से विधानसभा में यह कानूनी दावा ठोकेंगे कि उनका गुट ही राज्य में वास्तविक और असली तृणमूल कांग्रेस है।
संदीपान साहा का बड़ा दावा, हमारे पास दो तिहाई बहुमत
अचानक विधानसभा पहुंचने वाले प्रमुख बागी विधायकों में ऋतब्रत बंद्योपाध्याय, संदीपान साहा, सबीना यास्मीन और अखरुज्जमां सहित कई अन्य बड़े नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है, जिससे ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बागी गुट के प्रमुख चेहरा संदीपान साहा ने मीडिया के सामने बड़ा दावा पेश किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास पार्टी के दो तिहाई से ज्यादा विधायकों का लिखित समर्थन हासिल है। इस दावे से साफ है कि पार्टी पर नियंत्रण की लड़ाई अब बेहद दिलचस्प हो गई है।
चुनावी पराजय के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी रूप लेता दिख रहा है। बागी विधायकों के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष का फैसला इस मामले में बेहद निर्णायक साबित होगा। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने पूरे बंगाल की राजनीति में खलबली मचा दी है।
Author: Sourav Banerjee


